Parkash Singh Badal: पंचतत्व में विलीन हुए प्रकाश बादल, पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
Parkash Singh Badal, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संरक्षक एवं पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल (96) का आज उनके पैतृक गांव बादल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

Parkash Singh Badal, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली दल ने संस्थापक प्रकाश सिंह बादल का गुरुवार को मुक्तसर जिले की लंबी तहसील में उनके पैतृक गांव बादल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। प्रकाश सिंह बादल को उनके पुत्र सुखबीर बादल ने मुखाग्नि दी।
पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री भगवंत मान, अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, जेपी नड्डा समेत कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में उनके बेटे और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चिता को मुखाग्नि दी।
बादल परिवार के फार्महाउस से करीब एक किलोमीटर दूर परिवार के स्वामित्व वाले दो एकड़ के किन्नू के बाग को अंतिम संस्कार प्रकाश बादल का अंतिम संस्कार किया गया। किन्नू के इस बाग के साथ प्रकाश बादल का विशेष जुड़ाव था।
वह यहां किन्नू के पेड़ लगाने से लेकर निगरानी तक का काम स्वयं करते थे और गांव आने पर अक्सर यहीं बैठते थे। इस मौके पर एनसीपी नेता शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, भाजपा नेता हंस राज हंस और तरुण चुघ, अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, पंजाब भाजपा प्रमुख अश्विनी शर्मा और पंजाब के पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा मौजूद रहे।
पंजाब पुलिस की टुकड़ी ने मातमी धुन बजाकर और हवाई फायर कर दिवंगत नेता को सलामी दी। अंतिम संस्कार से पूर्व बादल के पार्थिव शरीर से राष्ट्रीय ध्वज हटा कर उनके परिवार को सौंपा गया। सुखबीर सिंह बादल ने पिता के शव पर अपना सिर टेक कर उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रकाश बादल की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
अंतिम संस्कार से पहले सुखबीर बादल और उनकी बहन अपने पिता के शव से लिपट कर काफी देर तक रोते रहे। अंतिम संस्कार में अनेक अति विशिष्ट लोगों और शख्सियतों के पहुंचने के मद्देनजर समूचे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। बादल गांव में मुक्तसर, फाजिल्का, फिरोजपुर और फरीदकोट जिलों की पुलिस की तैनाती की गई थी।












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