पंजाब के पूर्व CM चन्नी से ED ने की पूछताछ, दावा- जो 10 करोड़ रुपए जब्त हुए वो इन्हीं के
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2018 में कथित अवैध रेत खनन मामले में कई घंटों तक पूछताछ की। इस बारे में ईडी के अधिकारियों ने आज पुष्टि की। बताया कि, चन्नी कल उनके सामने पेश हुए और अब उन्हें फिर से तलब किया जा सकता है। चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी को ईडी ने इस साल की शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।

ईडी के सामने चन्नी के पेश होने के बाद, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट किया, "मेरी लड़ाई पंजाब के लिए थी, न कि रेत के लिए ... जिन्होंने जमीन, रेत और शराब माफिया को चलाया, उन्होंने सरकारी खजाने को लूटकर अपने स्वार्थ के लिए पंजाब को नीचा दिखाया...। वर्तमान वित्तीय परिदृश्य में पंजाब में वे हैं या माफिया! हमारी लड़ाई जारी है...।"
ईडी द्वारा 31 मार्च को उसके खिलाफ चार्जशीट दायर करने के बाद हनी, जो अभी भी जेल में है, ने मंगलवार को जमानत के लिए आवेदन किया था। वहीं, ईडी के सूत्रों ने दावा है किया कि हनी से जब्त किए गए 10 करोड़ रुपये चन्नी के हो सकते हैं। ईडी ने नवांशहर जिले के राहों पुलिस थाने में दर्ज अवैध रेत खनन मामले में 18 और 19 जनवरी को लुधियाना, मोहाली, पठानकोट, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब में 10 स्थानों पर छापेमारी की थी। हनी का साथी कुदरतदीप सिंह भी इस मामले में आरोपी था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे बरी कर दिया था।

ईडी ने छापों के दौरान करोड़ों रुपये बरामद किए। कथित तौर पर हनी से संबंधित 10 करोड़ नकद, रेत खनन व्यवसाय से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति लेनदेन के कागजात, मोबाइल फोन, 21 लाख रुपये से अधिक मूल्य का सोना और 12 लाख रुपये की रोलेक्स घड़ी बरामद की गई। बता दें कि, हनी और कुदरतदीप सिंह प्रोवाइडर्स ओवरसीज कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक हैं। ईडी ने हनी के खिलाफ अपने आरोप पत्र में कहा था कि, उसने यह स्वीकार कर लिया है कि जब्त धन रेत खनन गतिविधियों और सरकारी अधिकारियों के स्थानांतरण के माध्यम से अर्जित किया गया था।
हनी को 3 फरवरी को ईडी के जालंधर कार्यालय में तलब किया गया था, जहां देर रात तक उससे व्यापक पूछताछ की गई और फिर रात 11:55 बजे जालंधर स्थित उसके कार्यालय में गिरफ्तार किया गया। उसे 7 मार्च, 2018 को पकड़ा गया था। उस वक्त जांच अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया था और छह खदानों से जुड़े 26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। कुदरतदीप का भी इस मामले में नाम लिया गया था, लेकिन उसे कभी गिरफ्तार नहीं किया गया। जमानत मिलने के बाद ही वह पुलिस के सामने पेश हुआ और बाद की जांच में उसे 'निर्दोष' पाया गया।












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