पंजाब कांग्रेस में कलह: सिद्धू से मिले हरीश रावत, अमरिंदर से कल करेंगे मुलाकात
चंडीगढ़, अगस्त 31: पंजाब कांग्रेस में चली आ रही खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिंद्धू के बीच तकरार खत्म नहीं हो रही है। इसी विवाद को खत्म करने के लिए पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत एक बार फिर से चंडीगढ़ आए हैं। लगभग सवा महीने में बाद पंजाब इंचार्ज हरीश रावत मंगलवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे। यहां उनकी पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू से मुलाकात हुई। इस मौके कार्यकारी प्रधान कुलजीत नागरा व पवन गोयल और संगठन महासचिव परगट सिंह भी मौजूद रहे।

माना जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू व उनके खेमे की बयानबाजी को लेकर रावत ने उन्हें हाईकमान का संदेश दिया है। इसके अलावा रावत से निजी स्तर सिद्धू व परगट की नाराजगी भी दूर करने की कोशिश की गई है। दोनों के बीच पंजाब कांग्रेस की राजनीति और रणनीति को लेकर बातचीत हुई। नवजोत सिद्धू अध्यक्ष बनने के बाद भी अमरिंदर सरकार पर हमला बोलने से नहीं चूक रहे हैं।
नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात के बाद हरीश रावत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी कल मुलाकात करेंगे। इसके अलावा भी कुछ वरिष्ठ नेताओं व खासकर बागी मंत्रियों तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखजिंदर रंधावा व सुख सरकारिया से भी उनकी बैठक होगी। वहीं कल नवजोत सिंह सिद्धू कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी मुलाकात करने वाले हैं। विधानसभा चुनावों के कुछ महीने दूर हैं, सीएम और पार्टी अध्यक्ष के बीच अभी भी समझौता होना बाकी है।
हरीश रावत ने चंडीगढ़ पहुंचकर कहा कि पंजाब में सिद्धू और कैप्टन विवाद नहीं है। अगर होगा भी तो उसे दूर करने का मेरा काम है। उन्होंने कहा कि वो किसी सिद्धू या कैप्टन कैंप नहीं बल्कि सिर्फ कांग्रेस कैंप को जानते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी उनसे मिलना चाहता है, मिल सकता है। उन्होंने इतनी नसीहत जरूर दी कि पार्टी से बात करने के लिए नेता मीडिया को माध्यम न बनाएं।
बता दें कि, दोनों ने एक महीने पहले एक समन्वय समिति का गठन किया था, जिसमें यह तय किया गया था कि हर मंत्री कांग्रेस भवन का दौरा करेगा और लोगों के मुद्दों को संबोधित करेगा, लेकिन उसके कुछ दिनों बाद अमरिंदर ने ताकत दिखाने के लिए पुराने और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से मिलना शुरू कर दिया। जिसके बाद पार्टी में फिर से खींचतान देखने को मिलने लगी।पंजाब कांग्रेस में पिछले करीब 8 महीने से कलह चल रही है। वहीं सिद्धू और कैप्टन ग्रुप की इस बढ़ती कड़वाहड़ पर अब हरीश रावत लगाम लगाने की कोशिशों में जुटे हैं।












Click it and Unblock the Notifications