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Punjab Cabinet की बड़ी पहल: 12 कैटेगरी में 300 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को सूचीबद्ध करने की मंजूरी, कैसे फायदा?

Punjab Cabinet Approves 300 Specialist Doctors: पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कमी को दूर करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में 12 प्रमुख मेडिकल श्रेणियों के 300 निजी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी गई। यह फैसला राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को देखते हुए लिया गया है, जहां वर्तमान में लगभग 1,000 मेडिकल ऑफिसर पद खाली पड़े हैं। इस कदम से आम जनता को गुणवत्तापूर्ण सेकेंडरी स्वास्थ्य सेवाएं सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगी, खासकर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में।

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से शुरू होगी। ये डॉक्टर ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, छोटे-बड़े ऑपरेशन और अन्य सेवाओं के लिए प्रति मरीज निर्धारित फीस वसूल सकेंगे।

Punjab Cabinet Approves

इससे न केवल विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर बोझ भी कम होगा। पंजाब में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात राष्ट्रीय औसत (1.18:1000) से कम (1.05:1000) है, और युवा डॉक्टर कम वेतन व कठिन कार्यस्थितियों के कारण निजी क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं। कैबिनेट का यह निर्णय स्वास्थ्य विभाग की 2024 की भर्ती ड्राइव (जिसमें 400 पदों पर केवल 284 भरे गए) के बाद एक राहत भरा कदम है।

एम्पैनलमेंट की 12 प्रमुख कैटेगरी: कौन-कौन से विशेषज्ञ शामिल?

कैबिनेट ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण मेडिकल फील्ड्स में विशेषज्ञों को लक्षित किया है, ताकि आम बीमारियों से निपटने में देरी न हो:-

क्रमांक कैटेगरी डिटेल
1
मेडिसिन सामान्य चिकित्सा विशेषज्ञ
2
पीडियाट्रिक्स बाल रोग विशेषज्ञ
3
साइकियाट्री मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ
4
डर्मेटोलॉजी त्वचा रोग विशेषज्ञ
5
चेस्ट एवं टीबी छाती एवं फेफड़े रोग विशेषज्ञ
6
सर्जरी सामान्य सर्जन
7
गायनेकोलॉजी
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
8
ऑर्थोपेडिक्स हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ
9
ऑप्थल्मोलॉजी नेत्र रोग विशेषज्ञ
10
ईएनटी कान, नाक, गला विशेषज्ञ
11
एनेस्थीसियोलॉजी निश्चेतना विशेषज्ञ
12
अन्य (एक्स्ट्रा) आपातकालीन एवं सहायक सेवाएं

ये विशेषज्ञ निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर होंगे, जो सरकारी अस्पतालों में पार्ट-टाइम सेवाएं देंगे। पहले से ही 250 से अधिक निजी डॉक्टरों को पार्ट-टाइम के लिए एम्पैनल किया जा चुका है, लेकिन यह नया फैसला इसे 300 तक विस्तार देगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इससे सीमावर्ती जिलों जैसे तरनतारन और फाजिल्का में विशेषज्ञों की कमी दूर होगी, जहां पहले डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

सहकारिता क्षेत्र में एकरूपता: 1963 के नियमों में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने सहकारी संस्थाओं के अनुशासन को मजबूत करने के लिए पंजाब को-ऑपरेटिव सोसायटीज नियम, 1963 के अंतर्गत नियम 28ए (एकीकृत अनुशासनात्मक एवं अपीलीय ढांचा) को मंजूरी दे दी। इससे अपील चैनलों में दोहरी प्रक्रिया समाप्त होगी, बोर्ड या समितियों में परस्पर विरोधी फैसलों से बचा जा सकेगा, और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में स्पष्ट कमांड चेन बनेगी।

प्रवक्ता के अनुसार, यह संशोधन अपीलों की सुनवाई को संस्था स्तर पर केवल एक बार सीमित करेगा, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। हर स्तर पर प्राधिकार की स्पष्ट परिभाषा से संस्थागत जवाबदेही बढ़ेगी तथा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा होगी। पंजाब के सभी शीर्ष सहकारी संस्थानों और केंद्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आने से क्षेत्र की दक्षता में इजाफा होगा। यह कदम 2016 के बाद के संशोधनों को आगे बढ़ाते हुए सहकारिता विभाग की लंबे समय की मांग को पूरा करता है।

खनन सेवाओं में पारदर्शिता: माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन

मंत्रिमंडल ने खनन क्षेत्र को अधिक कुशल, नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पंजाब स्टेट माइनर मिनरल्स (संशोधन) पॉलिसी 2025 के तहत पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, 2013 में संशोधन को हरी झंडी दे दी। यह संशोधन क्रशर माइनिंग साइटों और भूमि मालिकों की माइनिंग साइटों के लीज धारकों के लिए नए नियम जोड़ता है, ताकि माइनिंग अधिकारों का आवंटन सुगम हो।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इससे बाजार में कच्चे माल (रेत-गिट्टी) की आपूर्ति बढ़ेगी, अवैध खनन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, उपभोक्ता कीमतें कम होंगी तथा राज्य की आय में वृद्धि होगी। अप्रैल 2025 में शुरू हुई इस पॉलिसी के तीसरे संशोधन (अक्टूबर 2025) के बाद यह फैसला खनन क्षेत्र में एकाधिकार समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए राज्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक के बाद कहा, ' ये निर्णय पंजाब के लोगों की भलाई के लिए हैं- चाहे स्वास्थ्य हो, सहकारिता हो या खनन। हम पारदर्शिता और दक्षता पर जोर देंगे।' कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।

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