मूसेवाला के गांव तक पहुंच चुके थे हमलावर, उसी वक्त क्यों सुरक्षा घटाने का लिया फ़ैसला- कांग्रेस
पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रन्धावा ने कहा कि मूसेवाला की हत्या के मामले में जांच की गति धीमी है, जांच से पूरी तरह से असन्तुष्ट हूं।
चंडीगढ़, 4 जुलाई 2022। पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर अभी तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है। मान सरकार पर विपक्ष लगातार सवालिया निशान लगा रहा है। इसी कड़ी में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रन्धावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्व. सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह की ओर से जो आरोप लगाए गए उसका मान सरकार जवाब दे। बलकौर सिंह के बेटे की सुरक्षा में बड़ी खामी और उसके चलते हुई मूसेवाला की बेरहमीपूर्वक हत्या को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों पर भगवंत मान जवाब दें।

मान सरकार पर कांग्रेस ने साधा निशाना
पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रन्धावा ने कहा कि मूसेवाला की हत्या के मामले में जांच की गति धीमी है, जांच से पूरी तरह से असन्तुष्ट हूं। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से सुरागहीन प्रतीत होती और सिर्फ विदेशों में बैठे गैंगस्टर द्वारा किए गए दावों पर निर्भर है। बलकौर सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को लगातार धमकियां मिल रही थीं, जो उसके चुनाव प्रचार के दौरान भी जारी थीं। लेकिन उसकी सुरक्षा बढ़ाने के विपरीत मान सरकार ने उसे घटा दिया व उनके बेटे को अपराधियों द्वारा निशाना बनाने के लिए प्लेट में पेश कर दिया, जिसके चलते बीती 29 मई को उसका बेरहमीपूर्वक कत्ल कर दिया गया।

हमलावर मूसेवाला के घर की रेकी कर रहे थे- रन्धावा
रंधावा ने बलकौर सिंह के आरोपों का समर्थन करते हुए, मूसेवाला की सुरक्षा घटाने का फैसला लेने वालों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने इसे मान सरकार के खुफिया एजेंसियों की बड़ी नाकामयाबी बताते हुए कहा कि कि हमलावर उसके गांव के अंदर तक पहुंच चुके थे और मूसेवाला के घर की रेकी कर रहे थे, जबकि मान सरकार ने उसी वक्त उसकी सुरक्षा को वापिस लेने का फैसला किया। रंधावा ने कहा कि क्यों खुफिया एजेंसियों को ऐसे गंभीर खतरे का पता नहीं चला।

हमलावर पहले से ही हत्या की साजिश रच रहे होंगे- रन्धावा
पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रन्धावा ने कहा कि शायद हमलावर पहले से ही हत्या की साजिश रच रहे होंगे, लेकिन इसके बावजूद राज्य पुलिस स्वर्गवासी गायक को वास्तविक खतरे का पता नहीं लगा सकी। अगर राज्य पुलिस ने जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई की होती, तो उस कीमती जान को बचाया जा सकता था। फिलहाल पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की हत्या पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब देखना यह होगा की किस तरह से मान सरकार विपक्ष के सवालों का काउंटर करती है।
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