पाकिस्तानी ड्रोन हमले के बाद DGP की सुरक्षा नीति- सरहदी गांवों में लगेंगे इन्फ्रारेड CCTV कैमरे
जम्मू/अमृतसर। पाकिस्तान से सटे सरहदी इलाकों में आए रोज ड्रोन-एक्टिवटी देखने को मिल रही हैं। कभी जासूसी के लिए तो कभी हथियारों और मादक पदार्थों की डिलीवरी के लिए सीमा पार से इधर ड्रोन भेजे जा रहे हैं। शनिवार रात तो हद ही हो गई, जब जम्मू में इंडियन एयरफोर्स के स्टेशन पर ड्रोन अटैक कर दिया गया। उसके बाद दूसरी घटना रविवार को हुई और सोमवार देर रात को सुंजवान मिलिट्री स्टेशन के पास भी संदिग्ध ड्रोन नजर आया। ऐसा खतरा पंजाब और जम्मू-कश्मीर राज्यों में ही है। ऐसे में ड्रोन-एक्टिवटी व इनसे पैदा हो रहे खतरों काे लेकर पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बार्डर रेंज के अधीन पड़ते जिलों के पुलिस अधिकारियों व बीएसएफ के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है।

सरहदी गांवों में लगेंगे इन्फ्रारेड सीसीटीवी कैमरे
पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता की बैठक के बाद बताया गया कि, सरहदी गांवों में इन्फ्रारेड सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, ताकि किसी भी तरह की साजिश को नाकाम करने में मदद मिल सके। डीजीपी की बैठक के बारे में पुलिस की ओर से बताया गया है कि, जम्मू वाली घटना के अगले दिन ही पंजाब के डीजीपी गुप्ता ने ड्रोन संबंधी गतिविधियों वाले इलाकों में पिछले 2 बरसों के आंकड़ों का प्रयोग करके संवेदनशील क्षेत्रों को सीमित करने और इनको चिन्हित करने के लिए निर्देश दिए। साथ ही डीजीपी ने सीमावर्ती गांवों की सड़कों पर इन्फ्रारेड सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि, संवेदनशील इलाकों और सड़कों पर कैमरे लगाने वाले संभावित प्वाइंट्स की सूची बनवाई जाए।

पंजाब पुलिस और बीएसएफ की मीटिंग
डीजीपी दिनकर गुप्ता की बैठक के दौरान पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में एडीजीपी इंटरनल सिक्योरिटी आरएन ढोके, एडीजीपी एसटीएफ बी चंदरशेचर, आईजी बार्डर रेंज एसपीएस परमार भी शामिल हुए। वहीं, दूसरी ओर बीएसएफ की ओर से आईजी महीपाल यादव और पंजाब के विभिन्न बीएसएफ सेक्टरों के डीआईजी मौजूद रहे। वहां डीजीपी दिनकर गुप्ता ने राज्य के जिला प्रमुखों को सभी भगोड़े अपराधियों और एनडीपीएस मामलों में जमानत पर रिहा होने वाले अपराधियों काे जल्द हिरासत में लेने के आदेश भी दिए। कहा कि, ढीला नहीं छोड़ा जाए।

ड्रोन हमले की जांच NIA को सौंपी गई
वहीं, जम्मू एयरबेस में हुए ड्रोन हमले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। इससे पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी, लोकल पुलिस और एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) की स्पेशल बम स्क्वॉड टीम भी इस मामले की जांच कर रही थीं। बताया जा रहा है कि ड्रोन को बॉर्डर के दूसरी तरफ पाकिस्तान से कंट्रोल किया जा रहा था।












Click it and Unblock the Notifications