पंजाब: सरकार ने गरीबों के लिए भेजा राशन, समय पर नहीं बंटा तो खराब होने लगा, अब बांट रहे हैं विधायक
लुधियाना। कोरोना-लॉकडाउन के दरम्यान असहाय-गरीबों तक राशन पहुंचाने का पंजाब सरकार ने हुकुम दिया था। वहां से यह राशन भेज भी दिया गया, लेकिन गरीबों तक पहुँचने के इंतज़ार में ख़राब होने लगा। जिसके बाद अब खबरें हैं कि, विधायक खुद इस राशन की सप्लाई कराने में लगे हैं। कई जगहों पर विधायकों और हलका इंचार्जों के ज़रिये बाँटने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
राज्य में कर्फ़्यू के शुरुआती दौर में पंजाब सरकार की तरफ से गरीब लोगों को 10 से 20 लाख राशन के पैकेट देने का ऐलान किया गया था। इस फैसले पर अमल करने के आदेश विधायकों और हलका इंचार्जों को दिए गए। जिसका विरोधी दल विरोध करने लगे। कुछ कांग्रेसी नेताओं की तरफ से भी विरोध किया गया। इस लापरवाही के चलते पुलिस थानों में राशन खराब होने लगा। इसके चर्चे शुरू हो गए तो विधायक राशन बंटवाने को आगे आए।

ज्ञातव्य है कि, जरूरतमंद लोगों तक राशन न पहुँचने के बीच स्थानीय स्तर पर लापरवाही हुई। दरअसल, सरकार की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी कर कर राशन बाँटने की व्यवस्था करने का हुकुम ज़िला प्रशासन एवं पुलिस थानों को दिया गया था। बावजूद इसके काफ़ी राशन अब तक पुलिस थानों में ही पड़ा रह गया।
लुधियाना की ही बात की जाए तो यहां नए आए डिप्टी कमिशनर ने सारी प्रक्रिया से किनारा करते हुए राशन बाँटने के लिए फूड स्पलाई महकमों की ज़िम्मेदारी फिक्स कर दी। जबकि, केंद्र सरकार की तरफ से प्रवासी मज़दूरों के लिए भेजे गए राशन में अपना हिस्सा डालने के बावजूद उसे बाँटने के लिए ज़िला प्रशासन की ड्यूटी लगाई गई थी, जिस के अंतर्गत सरकारी स्कूलों के परिसरों में राशन जमा किया गया। उसके पश्चात् यह बात सामने आई कि जो राशन ज़िला प्रशासन को जारी किया गया था, उसे बाँटने का पूरा रिकार्ड ही नहीं मिला है। ऐसे में राशन के ख़राब होने की शिकायत मिलने लगीं।
इस पर सवाल उठने लगे तो विधायकों ने राशन को जल्दबाज़ी में उठवा कर बाँटने में जुटने लगे। इसके अलावा उसे हलका इंचार्जों के पास भी पहुँचाया जा रहा है। उधर, कई दिनों तक राशन न मिलने की वजह से परेशान मज़दूरों को घरों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ गया था।












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