CM बनते ही केन्द्र सरकार पर बरसे चन्नी, कहा- पंजाब कृषि आधारित राज्य है, कृषि क़ानून वापस ले सरकार
पंजाब के नवनियुक्त सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी का धन्यवाद करते हुए राहुल गांधी को क्रांतिकारी नेता बताया।
चंडीगढ़, सितंबर 20, 2021। पंजाब में विधानसभा चुनाव के दिन नज़दीक हैं, सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयिरियों में जुटी हुई है। वहीं चरणजीत सिंह चन्नी के पंजाब के मुख्यमंत्री बन्ने के बाद पंजाब कांग्रेस में मचे सियासी घमासान पर भी लगाम लग गया है। 55 साल में पहली बार किसी दलित चेहरे को सीएम बनाना कांग्रेस का साहसिक कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की ।
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पंजाब कृषि आधारित राज्य है, केंद्र सरकार कानून वापस ले- चन्नी
पंजाब के नवनियुक्त सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी का धन्यवाद करते हुए राहुल गांधी को क्रांतिकारी नेता बताया। साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के कामों की तारीफ करते हुए उन्हें पंजाब के पानी का रखवाला भी कहा। वहीं चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब भवन में कृषि सुधार कानून का दांव भी खेल दिया उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि आधारित राज्य है, केंद्र सरकार कानून वापस ले। अगर किसानों पर आंच आई तो मैं गला काटकर दे दूंगा। चरणजीत सिंह चन्नी की कान्फ्रेंस में नवजोत सिंह सिद्धू का दबदबा दिखा। चन्नी जब-जब भावुक हुए तो सिद्धू कभी उनकी पीठ थपथपाते रहे तो कभी हाथ पकड़ते रहे।
'रेत का बिजनेस करने वाले और माफिया मुझसे नहीं मिलें'
CM चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि रेत का बिजनेस करने वाले और माफिया मुझसे नहीं मिलें। मैं उनका प्रतिनिधि नहीं हूं। वहीं किसानों को सौगात देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की बिजली माफ़ रहेगी। इसके साथ गांवों में पानी सप्लाई वाली मोटरों का भी बिल नहीं लगेगा। जिनके बिल बकाया हैं, वो माफ करेंगे, काटे गए कनेक्शन को जोड़ा जाएगा। बिल नहीं देने पर किसी का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर ने अच्छा काम किया लेकिन जो काम अधूरे रह गए उन्हें पूरा करेंगे। बरगाड़ी बेअदबी और दूसरे मुद्दों के साथ कांग्रेस हाई कमान का 18 सूत्रीय फॉर्मूला लागू किया जाएगा । उन्होंने कहा कि किसी से लड़ाई नहीं लेकिन किसी को छोड़ेंगे नहीं। थाने का थानेदार और मुंशी तंग नहीं करेगा। तहसीलों में भ्रष्टाचारी रहेंगे या फिर मैं मुख्यमंत्री रहूंगा। वहीं उन्होंने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि सब कर्मचारी हड़ताल ख़त्म कर काम पर लौटें, उनकी मांगें पूरी की जाएंगी।
पंजाब में आज से कांग्रेस का राज है- चन्नी
मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाब में आज से कांग्रेस का राज है। मैं भी एक साधारण वर्कर हूं। जिसे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया गया। मेरे लिए कांग्रेस भवन मंदिर है। मेरा बिस्तरा कार में लगा है। सुबह 4 बजे निकल जाता हूं। मुझसे आफिस में कोई भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि अब सेक्रेटरी भी हफ्ते में दो दिन लोगों से मिलेंगे। यह मुलाकात सेक्रेटेरिएट में नहीं होगी, क्योंकि यहां पास बनवाने का झंझट है। उन्होंने कहा कि यह नहीं चलेगा कि जनता बाहर खड़ी रहे और डीसी अंदर चाय पिएं। मुझसे बेरोकटोक मिलने के लिए उनका टाइम फिक्स करेंगे।
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना
ग़ौरतलब है कि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना है। जिस तरह से पिछले कुछ अरसे से कैप्टन अमरिंदर सिंह पर पार्टी विधायकों ने हमले किए, उसके बाद पंजाब कांग्रेस में दरार चौड़ी हो गई है। इस दरार को सुनील जाखड़ के ट्वीट से भी समझा जा सकता है। जाखड़ ने हरीश रावत के उस बयान पर सवाल उठाए जिसमें उन्होंने कहा था कि सिद्धू के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा। सत्ता परिवर्तन का साइड इफेक्ट भी अब साफ दिखने लगा है। सुनील जाखड़ का नाम सीएम पद की रेस में सबसे आगे था लेकिन कांग्रेस ने चन्नी के रूप में दलित सीएम का दांव खेला है। अब सुनील जाखड़ के भतीजे और पंजाब किसान आयोग के अध्यक्ष अजय वीर जाखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अजय वीर जाखड़ ने ट्वीट करते हुए कहा, 'राज्य में बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए मैंने पंजाब किसान व खेत मजदूर आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
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