Election Special : मोगा और भदौड़ सीट का सियासी समीकरण, कैसा रहा है यहां का इतिहास ?
पंजाब चुनाव में हाट सीटों पर सभी की निगाहें टिकीं हुईं हैं। हॉट सीटों में मोगा और भदौड़ विधानसभा सीट का भी नाम शुमार किया जा रहा।
चंडीगढ़, 03 फरवरी 2022। पंजाब चुनाव में हाट सीटों पर सभी की निगाहें टिकीं हुईं हैं। हॉट सीटों में मोगा और भदौड़ विधानसभा सीट का भी नाम शुमार किया जा रहा। वहीं मोगा विधानसभा सीट से अभिनेता सोनू सूद की बहन मालविका सूद कांग्रेस की टिकट पर उम्मीदवार हैं। इसके साथ ही भदौड़ विधानसभा सीट पंजाब के मुख्यंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की वजह से सुर्खियों में है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस बार दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें उनकी परंपरागत सीट चमकौर साहिब और भदौड़ विधानसभा सीट शामिल है। आज हम आपको मोगा विधानसभा और भदौड़ विधानसभा सीटों के सियासी समीकरणों के बारे में बताने जा रहे हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में सियासी समीकरण कई ऐतबार से बदले हुए हैं।

भदौड़ विधानसभा सीट का इतिहास
भदौड़ विधानसभा सीट के सियासी इतिहास की बात की जाए तो 1972 से 1985 तक यह सीट शिरोमणि अकाली दल के क़ब्ज़े में रही। वहीं 1997 से 2007 तक इस पर कांग्रस पार्टी का क़ब्ज़ा रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार पीरमल सिंह धौला ने जीत दर्ज की थी, हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी । ग़ौरतलब है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी पहले ऐसे उम्मीदवार हैं जो दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भदौड़ सीट से आम आदमी पार्टी को 45.15 फीसदी वोट मिले थे, शिरोमणि अकाली दल 28.71 फीसदी वोटों पर सब्र करना पड़ा था। 20.57 फीसदी वोट कांग्रेस के खाते में गई थी ।

AAP और कांग्रेस के बीच मुक़ाबला
पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार भदौड़ विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी ने लाभ सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं पंजाब लोक कांग्रेस की टिकट पर धर्म सिंह फौजी चुनावी रण में उतरे हैं। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर सतनाम सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। सीपीआइ (एम) की टिकट पर के बलवीर सिंह चुनावी ताल ठोक रहे हैं और पंजाब किसान दल की तरफ़ से चुनावी मैदान में बग्गा सिंह काहनेके पर्चा दाखिल किया है। सियासी जानकारों की मानें तो बरनाला आम आदमी पार्टी का गढ़ रहा है और भदौड़ विधानसभा सीट बरनाला में ही है। आम आदमी पार्टी की छवि एक साफ़ सुथरी पार्टी की है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी आम आदमी की छवि बनाई है। इसलिए इस सीट पर मुक़ाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच ही है। चुनाव में दोनों दलों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

क्या इस बार टूटेगा कांग्रेस का तिलिस्म ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मोगा विधानसभा सीट भी हॉट सीटों में शुमार किया जा रहा है। मोगा विधानसभा के सियासी इतिहास की बात की जाए तो यह सीट कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। 1972 के चुनाव के बाद से इस सीट पर कांग्रेस ज़्यादातर कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की है। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की टिकट से हरजोत सिंह कमल ने जीत दर्ज की थी लेकिन इस बार कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया है। हरजोत सिंह कमल की जगह पर इस विधानसभा सीट से अभिनेता सोनू सूद की बहन मालविका सूद को कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित किया है। आम आदमी पार्टी ने की टिकट पर डॉ अमनदीप कौर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं शिरोमणि अकाली दल ने बरजिंदर सिंह बरार को चुनावी रण में उतारा है। इसके साथ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस से आए हरजोत सिंह कमल को उम्मीदवार घोषित किया है। हरजोत सिंह कमल मोगा के मौजूदा विधायक हैं।

40 साल में कांग्रेस 6 बार दर्ज की जीत
मोगा विधानसभा सीट से 40 साल में कांग्रेस 6 बार जीत दर्ज की है, 1977 के चुनाव में यहां से जेएनपी के रूपलाल ने जीत दर्ज की थी। वहीं 1980 में कांग्रेस की टिकट पर नक्षत्र सिंह ने जीत दर्ज वहीं 1985 के चुनाव में भी कांग्रेस ने परचम लहाराया था इस बार कांग्रेस की टिकट पर गुरुचरण सिंह ने जीत दर्ज की थी। 1992 में कांग्रेस की टिकट पर मालती ने जीत दर्ज की। 1997 और 2002 में शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर तोता सिंह ने जीत दर्ज की। उसके बाद फिर से इस सीट पर कांग्रेस का क़ब्ज़ा हुआ 2007 और 2012 के चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर जोगिंदर पाल जैन विधायक चुने गए। इसके बाद 2017 में कांग्रेस की टिकट पर हरजोत सिंह कमल ने जीत दर्ज की हालांकि इस बार कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया है। सियासी जानकारों की मानें तो मोगा कांग्रेस की सेफ़ सीट रही है, चूंकि इस बार कांग्रेस की तरफ़ से मालविका सूंद चुनावी रण में उतरी हैं और वह मशहूर अभिनेता सोनू सूद की बहन हैं। कोरोना काल में सोनू सूद ने ज़रूरतमंदों की काफ़ी मदद की थी। इसलिए मोगा सीट से कांग्रेस को हरा पाना बहुत ही मुश्किल है।
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