बेटे से गिफ्ट में मिली बोट में बैठकर मोती झील में सैर करने निकले पापा, हुआ दर्दनाक हादसा
पटना। चीन में पढ़ रहे एक छात्र ने अपने पिता को ट्यूब वाली नाव गिफ्ट की थी। पिता अपने ही गांव के एक साथी के साथ नौकाविहार को घर से निकले। दोनों ने मोतीझील में नाव उतार ली। उसके बाद नाव को खेते हुए अंदर तक ले गए। नाव पर बैठे-बैठे ही पिता ने चीन में रह रहे अपने बेटे को फोन लगाया। तभी नाव का ट्यूब पंचर हो गया। ट्यूब के सिकुड़ते ही नाव पलट गई। जिससे छात्र का पिता और उनका साथी झील में डूबने लगे। उन्होंने दलदल से बाहर निकलने की खूब कोशिश की, लेकिन नहीं बच पाए। स्थानीय निवासियों की मदद से दोनों को निकालकर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

बेटे से फेसबुक पर बात करते वक्त हुआ हादसा
मृतकों की पहचान डॉ. कृष्ण कुमार उर्फ किशुन और रमेश कुमार के रूप में हुई। वे बिहार में मोतिहारी स्थित सपही गांव के निवासी थे। बताया जाता है कि दोनों छठ घाट की मरम्मत का निरीक्षण करने गए थे। उसके बाद नौका विहार का लुत्फ लेने लगे। हालांकि, हादसे में दोनों की मौत हो गई।

पहली बार पुत्र से गिफ्ट में मिली नाव से नौकाविहार किया
किशुन के एक परिजन ने बताया कि किशुन पहली बार पुत्र से गिफ्ट में मिली नाव से नौका विहार करने आए थे। झील में नाव से ही उन्होंने पुत्र से फेसबुक पर बात की। इसी दौरान नाव पलट गयी। किशुन के साथ उनके साथी भी मोतीझील के गहरे पानी के दलदल में फंस गये। वे दोनों तैरना जानते थे, लेकिन दलदल की वजह से जान चली गई।

दलदल की वजह से हुई दोनों की मौत हुई
अगरवा के पूर्व नगर पार्षद राय रोहित शर्मा ने कहा कि दोनों की मौत मोतीझील के दलदल की वजह से हुई। इस झील ने फिर से दो निर्दोष लोगों की जान ले ली है। ये वही मोतीझील है जिसके नाम पर ही मोतिहारी शहर का नामकरण हुआ। जिसके जीर्णोद्धार के लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कई घोषणाएं कीं।

इसी झील के सौंदर्यीकरण का काम करा रहे थे
स्थानीय निवासी नीरज शर्मा ने कहा कि हादसे के बारे में कई लोगों को विश्वास नहीं हुआ। किशुन कुशल नाविक भी थे। वे झील के सौन्दर्यीकरण के लिए और शहर में एक छठ घाट के निर्माण के लिए दिन-रात कार्य कर रहे थे।












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