आखिर हो ही गया कांग्रेस- राजद में गठबंधन

अटकलें यह भी थी कि बिहार में जदयू, कांग्रेस के साथ जा सकती है क्योंकि धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर ही जनता दल यूनाईटेड ने एनडीए से नाता तोड़ा था, पर अब राजद और कांग्रेस गठबंधन हो जाने से मुस्लिम वोट बैंक तीन पार्टियों के बीच विभाजित हो सकता है, वहीं भाजपा भी अल्पसंख्यकों रिझाने का प्रयास कर रही है।
लालू ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि हम सांप्रदायिक ताकतों को रोंकने के लिए जो भी प्रयास होगा वो करेंगे, वहीं राजद के कमजोर होने और लालू यादव के चारा घोटाले में सजा पाने के बाद पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही कांग्रेस में इस इस गठबंधन को लेकर कश्मकश थी। अब एक तरफ जहां कांग्रेस बिहार में खुद की स्थिति मजबूत करने का प्रयास करेगी वहीं भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को फिर से घेरेगी।
पिछले कई दिनों में बिहार की राजनीति देश भर में चर्चा का विषय है। पहले तो लोक जनशक्ति पार्टी के राम विलास पासवान एनडीए में वापस आ गये। इसके बाद लालू के पार्टी विधायकों ने बगावत कर दी। कल की ही बात है कि जदयू प्रवक्ता देवेश चंद्र ठाकुर ने राज्यसभा का टिकट न मिलने से नाराज होकर जदयू से रिश्ता तोड़ लिया। उनका कहना था कि ऐसे कई मौके आये हैं जब नीतीश कुमार उन्हें राज्य सभा का टिकट दे सकते थे लेकिन उन्होने ऐसा नहीं किया।












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