मोदी की भागलपुर रैली, पसीने छूटे नीतीश-लालू के
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महीने की 30 तारीख को भागलपुर में होने वाली रैली से जनता दल-यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल के पसीने छूट रहे हैं। कहा जा रहा है कि मोदी अपनी रैली में 1989 में भागलपुर में हुए मुसलमान विरोधी दंगों के गुनहगार पर करारा प्रहार करेंगे।
दो हजार मरे
भागलपुर दंगों में करीब दो हजार लोग मारे गए थे। उसे स्वाधीन भारत के सबसे खूनी दंगों के रूप में देखा जाता है। तब केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी। उसके बाद केन्द्र में वी.पी.सिंह के नेतृत्व में सरकार बनी थी। उसमें लालू यादव भी थे।
कांग्रेस पर हमला
जानकार कहते हैं कि उस दौर में नीतीश कुमार भी वी.पी.सिंह के करीबी थे। इन दोनों ने दंगों के लिए कांग्रेस को दोषी माना था। अब ये दोनों कांग्रेस के साथ मिलकर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
बिहार में मोदी
दरअसल मोदी अब लगातार बिहार में रैलियां करेंगे। वे पिछले दिनों गया में थे। उससे पहले मुजफ्फरपुर और पटना में। जानकार कह रहे है 30 अगस्त को होने वाली मोदी की रैली के चलते नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव सहमे हुए हैं। उन्होंने समझ नहीं आ रहा कि वे मोदी के संभावित हमलों का किस तरह से जवाब देंगे।
बिहार में एक घमासान जंग नीतीश-लालू में भी
मुसलमानों के वोट
बता दें कि भाजपा आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में मुसलमानों के वोट अपने पक्ष में डलवाना चाहती है। बिहार के किश्नगंज, कटिहार, अररिया, मधुबनी, पूर्णिया, दरभँगा, वेस्ट चंपारण, ईस्ट चंपारण में मुसलमानों की आबादी 18 फीसद से लेकर 48 फीसद तक है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि भाजपा के लिए इन सभी जगहों में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है।













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