जनता दरबार में गैरहाजिर रहे लालू के दोनों लाल
पटना। जनता का दु:ख दर्द सुनने के लिये बिहार सरकार ने जनता दरबार का आयोजन किया। लेकिन खास बात यह है कि उसमें लालू यादव के दोनों लाल गैरहाजिर थे। जब इस बात पर सवाल उठे तो नीतीश ने कहा, "मैं हूं ना!"
बिहार में शराब पर पाबंदी लगते ही मर गयी "नागिन"

जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि महीने के तीसरे सोमवार को पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग एवं वन पर्यावरण विभाग आदि के शिकायतों का निपटारा किया जाता है। किंतु पथ निर्माण भवन निर्माण मंत्री व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री सह ऐसा लघु जल संसाधन मंत्री तेजप्रताप यादव जनता दरबार में शामिल क्यों नहीं हुए। इस पर मुख्यमंत्री ने अपनी उपस्थिति पर जोर देते हुए सवाल को दबाने के पूरे प्रयास किये।
जनता दरबार में गैरहाजिर रहे लालू के दोनों लाल
उन्होंने कहा कि 5 जून को हम जनता के बीच लोक शिकायत निवारण कानून रखेंगे। 6 जून से लोक शिकायत निवारण कानून लागू होगा।
पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जदयू सांसद अनिल सहनी पर पार्टी के तरफ से अधिकारिक तौर पर जवाब मांगा गया। इस पर उन्होंने कहा कि पार्टी निर्णय करेगी। यह एथिक्स का विषय है। वैसे अंतिम निर्णय राज्यसभा को लेना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिस दल ने दो-दो बार उन्हें राज्यसभा में भेजा उसी दल को वे बदनाम कर रहे हैं। अगर उन्हें लगता है कि वे निर्दोष हैं तो इस्तीफा देकर अपने को कोर्ट से निर्दोष साबित करते तो उनकी इज्जत बढ़ जाती, पार्टी भी सम्मान करती।
पटना कलेक्ट्रेट पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीदरलैंड के राजदूत अलफोंसस स्टोलिंगा का कोई पत्र नहीं मिला है और न ही हमारे कार्यालय में आया है। समाचार पत्रों में आया है कि पटना कलेक्ट्रेट का परिसर न गिराया जाये। यह इमारत बिहार की राजधानी में नीदरलैंड की निशानियों में से आखरी निशानी है। उन्होंने कहा कि यह दो देशों के बीच का मामला है। विदेश मंत्रालय से भी कोई पत्र नहीं आया है।
गुजरात के पाटीदारों को आरक्षण
मुख्यमंत्री ने पाटीदार लोगों के आरक्षण के संबंध में कहा कि पाटीदार लोगों का संघर्ष लम्बे दौर से चल रहा है। गुजरात में सत्तारूढ़ दल उनका वोट लेकर सत्ता में आई है। पाटीदार लोग उनसे नाराज हैं। वोट लेने वालों को पाटीदारों के लिये निकालना होगा समाधान। नागरिकता के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जहाॅ तक नागरिकता का प्रश्न है हर देश में निवास करने वाले लोगों के आधार पर निर्णय होता है, धर्म एवं मजहब के आधार पर तय नहीं होता है।
महाराष्ट्र के लातूर में भयंकर सूखा
पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लातूर में भयंकर सूखा पड़ा हुआ है। एक-एक बूंद पानी की महता है, पानी का दुरूपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिये।
दिल्ली आॅड-ईवन
ऑड-ईवन पर नीतीश ने कहा कि प्रदूषण को दूर करने के लिये दिल्ली में चल रही आॅड-इवन अच्छा प्रयोग है। केन्द्र में सत्तारूढ़ दल व्यर्थ ही इसका विरोध कर रही है। उनकी तो दोहरी नीति है वे दूसरो पर कुछ बोलेंगे, अपने कुछ करेंगे।
प्रधानमंत्री ने क्या अच्छा किया
नीतीश बोले जब भारत के प्रधानमंत्री अचानक पाकिस्तान से संबंध सुधारने पाकिस्तान गये थे तो हमने कहा था कि प्रधानमंत्री का यह बहुत अच्छा कदम है।












Click it and Unblock the Notifications