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KBC में 5 करोड़ जीतने वाले बिहार के Sushil Kumar नहीं हुए कंगाल, जानिए अब कितने गुना बढ़ गई संपत्ति?

पटना, 2 अगस्‍त। सोनी टीवी के सबसे लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी) का नया सीजन शुरू होने के साथ ही एक खबर अक्‍सर सुर्खियां बनती है। वो यह कि KBC 2011 में 5 करोड़ रुपए जीतने वाले बिहार के सुशील कुमार अब कंगाल हो गए हैं। उन्‍होंने अपनी जीती हुई रकम यूं ही उड़ा दी और अब वो दूध बेचने लगे हैं। इस बात में कितनी सच्‍चाई है? इसका अंदाजा इससे लगा लिजिए कि 2 अगस्‍त 2022 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मोतिहारी शाखा ने अपने यहां मोटा पैसा जमा करके रखने वालों को सम्‍मानित करने के लिए बुलाया है। इनमें सुशील कुमार का नाम भी शामिल है।

KBC विजेता सुशील कुमार का इंटरव्‍यू

KBC विजेता सुशील कुमार का इंटरव्‍यू

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में सुशील कुमार ने केबीसी में पांच करोड़ रुपए जीतने से पहले और उसके बाद की अपनी जिंदगी को लेकर विस्‍तार से चर्चा की है। साथ ही यह भी बताया कि वो कंगाल होने वाली बात आखिर आई कहां से? जिससे इन्‍हें आर्थिक फायदा भी हुआ तो व्‍यक्तिगत छवि को नुकसान भी पहुंचा। 7 अगस्‍त 2022 से शुरू हो रहे केबीसी के 14वें सीजन के मौके पर आइए जानते हैं कि केबीसी विजेता सुशील कुमार को करोड़पति से कंगाल बताने वालों दावों की वर्तमान हकीकत क्‍या है?

गरीब नहीं बल्कि पहले से ज्‍यादा अमीर हो गए सुशील कुमार

गरीब नहीं बल्कि पहले से ज्‍यादा अमीर हो गए सुशील कुमार

साल 2011 में केबीसी में 5 करोड़ रुपए जीतने वाले सुशील कुमार कंगाल नहीं हुए बल्कि पहले से ज्‍यादा अमीर हो गए हैं। कहने को तो इन्‍होंने केबीसी से 5 करोड़ रुपए जीते थे, मगर टैक्‍स काटने के बाद सुशील कुमार को साढ़े तीन करोड़ रुपए ही मिले थे। इन रुपयों का भी सुशील कुमार ने बेहतरीन इस्‍तेमाल किया है। यही वजह है कि साल 2022 में सुशील कुमार की कुल नेटवर्थ बढ़कर 5 करोड़ रुपए से ज्‍यादा हो गई है। ऐसे में कंगाल होने का तो सवाल ही नहीं उठता।

फिर कंगाल होने की झूठी खबर क्‍यों सामने आई?

केबीसी से जीती रकम को अच्‍छे से निवेश कर पहले से ज्‍यादा अमीर हो जाने के बावजूद सुशील कुमार के कंगाल होने की खबर क्‍यों सुर्खियां बन रही है? इसका जवाब खुद सुशील कुमार ने दिया है। ये कहते हैं कि साल 2015 में एक नामी मीडिया हाउस ने इनका 'केबीसी के बाद जिंदगी कितनी बदली' को लेकर इंटरव्‍यू किया था। जिससे इनसे रुपयों को लेकर कई अजीब सवाल पूछे गए तो इन्‍होंने गुस्‍सा में आकर बोला था कि उनके जीते हुए सारे पैसे खत्‍म हो गए। कंगाली की वजह से उन्‍होंने तो अब दूध बेचना शुरू कर दिया। उस इंटरव्‍यू में गुस्‍से में कही गई वो बात आज भी केबीसी सीजन शुरू होने के साथ ही सुशील कुमार को करोड़पति से कंगाल बना देती है।

 'कंगाल' बनकर हुआ फायदा

'कंगाल' बनकर हुआ फायदा

सुशील कुमार कहते हैं कि मीडिया में भले ही झूठ छप गया हो कि अब वे कंगाल हो गए हैं। इनसे उन्‍हें काफी फायदा हुआ है। वो ऐसे कि केबीसी जीतने के बाद शादी, पूजा, सार्वजनिक आयोजन या फिर किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए उनसे चंदा मांगने वालों की भीड़ लगी रहती थी। कंगाल होने वाली खबर छपने के बाद लोगों ने उनसे पैसे मांगने ही बंद कर दिए। हालांकि सुशील कुमार ने जरूरतमंद लोगों की मदद भी खूब की है।

सुशील कुमार ने कहां किया निवेश?

सुशील कुमार कहते हैं कि उन्‍होंने केबीसी से जीती रकम में से एक रुपया भी बेकार नहीं जाने दिया। मोतीहारी शहर में तीन जगहों पर भूखंड खरीदे, जिनकी वर्तमान कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है। इनके अलावा अपने पुस्‍तैनी घर के आस-पास ही 5 हजार स्‍क्‍वायर फीट में तीन मंजिला भवन बनावाया है। इसके ग्राउंड फ्लोर के सात कमरों में ये अपने माता-पिता व चार भाइयों के साथ रहते हैं। ऊपर के तीन फ्लोर पर बने 2 बीएचके फ्लैट को इन्‍होंने किराए पर दे रखा है। इस भवन की वर्तमान कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। इसके अलावा सुशील कुमार ने एक करोड़ रुपए बैंक में जमा करवा रखे हैं, जिनका हर माह 60 हजार रुपए ब्‍याज मिल रहा है।

अब क्‍या करते हैं सुशील कुमार?

सुशील कुमार इन दिनों पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। कई जगहों पर पौधे लगवा चुके हैं। इसके अलावा गौरिया को बचाने में भी कदम उठा रहे हैं। सुशील कुमार कहते हैं कि केबीसी विजेता बनने के बाद लोग उनकी निजी जिंदगी के बारे में ऐसे ऐसे सवाल करते हैं कि जिनके जवाब देते लगता है कि वे कोई अपराधी और उनसे हर छोटी-छोटी बात को लेकर पूछताछ हो रही हो।

गाड़ी के नाम पर सिर्फ स्‍कूटी खरीदी

गाड़ी के नाम पर सिर्फ स्‍कूटी खरीदी

सुशील कुमार करोड़पति बनने के बाद भी लग्‍जरी लाइफ की बजाय सादा जीवन जी रहे हैं। इन्‍होंने गाड़ी के नाम पर अब तक सिर्फ स्‍कूटी खरीदी। पिता अमरनाथ प्रसाद, माता रेणू देवी, पत्‍नी सीमा पटेल, दो बेटी व पांच भाइयों के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। ये अपने एक दोस्‍त के साथ बिजनेस भी कर रहे हैं। दूध बेचने वाले सवाल के जवाब में कहते हैं कि मैंने डबल एमए, बीएड तक कर रखी है। पैसों की कोई कमी नहीं। दूध का धंधा करना था तो डेयरी ना खोल लेता। घर-घर जाकर दूध बेचने की क्‍या जरूरत?

BPSC की तैयारी की चलते जीता केबीसी

BPSC की तैयारी की चलते जीता केबीसी

मूलरूप से बिहार के मोतिहारी के हैनरी बाजार के रहने वाले सुशील कुमार कहते हैं कि साल 2011 में मैं सात हजार प्रतिमाह में बिहार के चंपारण जिले के चनपटिया ब्‍लॉक में मनरेगा कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर था। बिहार लोक सेवा आयोग की प्री परीक्ष पास कर चुका था। मुख्‍य परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसी दौरान केबीसी में जाना हुआ। 5 करोड़ का सवाल था कि 16 अक्टूबर 1868 को अंग्रेजों के हाथों निकोबार द्वीप समूह बेचने के बाद भारत से किस औपनिवेशिक शक्ति का अंत हो गया था? जवाब के चार विकल्प थे 1) बेल्जियम, 2) इटली, 3) डेनमार्क व 4) फ्रांस। सुशील कुमार ने बीपीएससी की तैयारी में इसके बारे में थोड़ा पढ़ा था। काफी सोच समझकर उन्‍होंने डेनमार्क जवाब देकर पांच करोड़ रुपए जीत लिए थे।

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