बिहार: कोसी की लहरें थमीं तो गंडक ने बढ़ाई लोगों की धड़कनें

लगतार कटाव तेज होने से लोग अपना आशियाना खुद ही तोड़ने लगे हैं। लोगों का मानना है कि नदी पूरा घर अपनी धारा में समेट रही है। ऐसे में अपने घर को बचाने के लिए वे किसी भी हद से गुज़र जाने को तैयार हैं।
पढ़ें- ये कैसी दोस्ती
ठघरवां तथा खाप मकसुदपुर गांवों में नदी सरकारी भवनों को अपने आगोश में लेने के लिए तैयार है। गांव में बढ़ रही नदी की तेज रफ्तार को देख ग्रामीण अपने घरों को खुद ही तोड़ रहे हैं। प्रशासन ने समय रहते गांव तथा ग्रामीणों की सुध नहीं ली।
पिछले साल भी तबाही के इस कटाव के कारण अपने घरों को अपने ही हाथ से तोड़ने को विवश हुए थे। इस साल भी यहीं मुसीबत सिर उठाती नज़र आ रही है। दरअसल गांव में कराया गया कटाव निरोधी कार्य नदी में समा गया है। गांव के एक सौ से भी अधिक पक्के मकानों को ग्रामीण खुद अपने हाथों से तोड़ चुके हैं। उनका मानना है कि बच निकलने का बस यही एक तरीका नज़र आ रहा है।












Click it and Unblock the Notifications