बिहारः नेपाल के इस फैसले के बाद प्रदेश में बाढ़ का खतरा मंडराया, नीतीश कुमार ने बुलाई बैठक
पटना। भारत और नेपाल के बीच मौजूदा हालात सही नहीं है। इसी दौरान नेपाल ने भारत की तरफ से किए जा रहे बांध मरम्मत के काम को रोक दिया गया है। साथ ही नेपाल ने बिहार के अफसरों की तरफ बातचीत के पेशकश को भी ठुकरा दिया है। जिसके चलते एक बार फिर प्रदेश में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल के इस फैसले के बाद बिहार में बाढ़ को टालने के तरीके को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को बैठक करेंगे। सीएम नीतीश कुमार की तरफ से बुलाई गई बैठक में प्रदेश के जल संसाधन विभाग और अन्य उच्च स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे।

नेपाल सरकार ने पूर्वी चंपारण के ढाका अनुमंडल में लाल बकेया नदी पर बन रहे तटबंध के पुर्निमाण के काम को रोक दियाहै। बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार जा ने बताया कि नेपास गंडक बांध के लिए मरम्मत कार्य की अनुमति दे रहा है। जबकि ललबकेया नदी नो मैंस लैंड का हिस्सा है। इसके अलावा भी नेपाल ने कई दूसरी जगहों पर मरम्मत का काम रोक दिया है। पहली बार हम लोग ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं। हम मरम्मत कार्य के लिए सामान तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
नेपाल बांध के निर्माण स्थल को अपनी जमीन बताकर जबरन विवाद पैदा कर रहा है। ललबकेया नदी का पश्चिमी तटबंध 2017 में आयी प्रलयंकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मति का कार्य भी चलता रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे पहले जब भी नेपाल बांध की मरम्मती के काम में अडंगा लगाता था तब भारतीय और नेपाली अधिकारी मिल बैठ मामले को सुलझा लेते थे। लेकिन इस साल मामला सुलझाने के बजाय नेपाली सशस्त्र सीमा प्रहरी ही मामले को और उलझाने में लगे हैं।












Click it and Unblock the Notifications