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Coronavirus: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बात पर पाकिस्‍तान बोला Yes, वीडियो कॉल पर होगी SAARC कॉन्‍फ्रेंस

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान ने कोरोना वायरस संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील को मान लिया है। पीएम मोदी ने कोरोना वायरस पर वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग का प्रस्‍ताव रखा था। शनिवार को पाक की तरफ से इस पर रजामंदी दे दी गई है। अब पाक पीएम इमरान खान के स्‍वास्‍थ्‍य मामलों में सहायक जफर मिर्जा इस कॉन्‍फ्रेंस में हिस्‍सा लेंगे। आपको बता दें कि फरवरी 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमलों के बाद से ही भारत और पाकिस्‍तान के बीच रिश्‍ते काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। यह नया कदम दोनों देशों के रिश्‍तों में नरमी लाने वाला कदम साबित हो सकता है।

Imran-Khan-Narendra-Modi

सुनियोजित प्रयासों की जरूरत

शनिवार को पाकिस्‍तान की तरफ से कहा गया है कि पीएम इमरान खान के विशेष सहायक जफर मिर्जा इस वीडियो कॉन्‍फ्रेंस में हिस्सा लेंगे। पा‍किस्‍तान विदेश विभाग की प्रवक्‍ता आइशा फारूखी ने इस बाबत एक ट्वीट किया। उन्‍होंने अपनी ट्वीट में लिखा, 'कोविड-19 के खतरे से निबटने के लिए वैश्विक और क्षेत्रीय स्‍तर पर सुनियोजित प्रयासों की जरूरत है। हमनें यह बात बता दी है कि पीएम के विशेष सहायक इस मुद्दे पर होने वाली वीडियो कॉन्‍फ्रेंस में हिस्‍सा लेंगे।' सार्क के बाकी देशों ने भी पीएम मोदी की इस अपील का स्‍वागत किया है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि कोरोना वायरस का सामना करने के लिए एक वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिए बात होनी चाहिए। साउथ एशियन देशों के दूसरे नेताओं ने इस अपील का स्‍वागत किया।

नवंबर 2014 में आखिर बार सार्क सम्‍मेलन

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने पीएम मोदी के इस फैसले का स्‍वागत किया है। केपी ओली पिछले कई समय से सार्क सम्‍मेलन की फिर से शुरुआत करने का अनुरोध कर चुके हैं। भूटान के पीएम लोटे शेरिंग ने भी पीएम मोदी के नेतृत्‍व की प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि एक छोटे देश के तौर पर भूटान हमेशा से क्षेत्रीय एकता के महत्‍व के समझता है। बांग्‍लादेश के विदेश मंत्री एके मोमिन ने कहा पीएम मोदी का प्रस्‍ताव एक अच्‍छा प्रस्‍ताव है। वहीं भारत में अफगानिस्‍तान के राजदूत ताहिर कादरी ने इसे सही समय पर लिया गया एक फैसला करार दिया है। श्रीलंका के राष्‍ट्रपति राजपक्षे गोटाबया ने कहा है कि इस मुश्किल घड़ी में नागरिकों को सुरक्षित रखने की कोशिशें करनी चाहिए। साल 2016 में हुए उरी आतंकी हमले के बाद से ही सार्क सम्‍मेलन आयोजित नहीं हो सका है। नवंबर 2014 में आखिरी बार नेपाल की राजधानी काठमांडू में सार्क सम्‍मेलन का आयोजन हुआ था। नवंबर 2016 में इसका आयोजन इस्‍लामाबाद में होना था मगर पहले पठानकोट एयरबेस और फिर उरी स्थित आर्मी कैंप ने इसके लिए मुश्किलें पैदा कर दीं।

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