क्‍यों पाकिस्‍तान से दूर और भारत के नजदीक हो रहा है अमेरिका?

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

वाशिंगटन। एक ओर पाकिस्‍तान अपने यहां पनप रहे आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने में कमजोर साबित हो रहा है तो वहीं अमेरिका इस वजह से उसे मिलने वाली मदद राशि में कटौती करता जा रहा है। अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्‍तों को सेना और आर्थिक पहलुओं की मदद से मजबूत करने रहा है। कभी अमेरिका के लिए एक अहम साझीदार रहा पाक अब अपनी पहुंच खोता जा रहा है।

nawaz-sharif-and-barack-obama

पढ़ें-अमेरिका ने कहा हर हाल में लगे आतंकवाद पर लगाम लगाए पाक

2011 से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट

अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली मिलिट्री और आर्थिक मदद में वर्ष 2011 से अब तक 3.5 बिलियन डॉलर से ज्‍यादा की कटौती कर डाली है। वहीं वर्ष 2016 में तो मदद की राशि एक बिलियन से भी कम हो गई है।

पाकिस्‍तान दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जिसे सबसे ज्यादा सैन्‍य मदद अमेरिका से मिलती है। वर्ष 2007 से पाकिस्‍तान को हर वर्ष एक बिलियन डॉलर से भी ज्‍यादा की मदद मिल रही थी।

पढ़ें-बलूचिस्‍तान के मुद्दे पर पाक के ही एक राजदूत ने लगाई फटकार

एफ-16 की डील भी होते-होते रह गई

मार्च में अमेरिका के रिपब्ल्किन सीनेटर बॉब कोरकर जो कि सीनेट की विदेश मामलों से जुड़ी कमेटी के चेयरमैन हैं उन्‍होंने पाकिस्‍तान की अमेरिका के साथ हुई आठ एफ-16 फाइटर जेट्स की डील को नहीं होने देंगे।

इन जेट्स की कीमत 700 मिलियन डॉलर थी लेकिन अमेरिका 430 मिलियन डॉलर पर इन्‍हें पाक को देने के लिए राजी हो गया था। वहीं इसी माह अ‍मेरिका के रक्षा सचिव एश्‍टन कार्टर ने पाक को 300 मिलियन डॉलर की मदद देने से इंकार कर दिया था।

पढ़ें-PoK पर अब क्‍यों पाकिस्‍तान को लगी अमेरिकी की झिड़की

पाक को नजरअंदाज करता अम‍ेरिका

विशेषज्ञों की मानें तो अमेरिका के इंटेलीजेंस अधिकारी भी अब पाक को नजरअंदाज करने लगे हैं। पिछले दिनों अमेरिका ने पाक को मिलने वाली मिलिट्री और आर्थिक मदद में कटौती का ऐलान किया है।

पिछले कुछ वर्षों के अंदर पाक को अमेरिका की ओर से मिलने वाली मदद में खासी गिरावट आई है। इससे साफ है कि अमेरिका अब इस बात से खफा है कि पाक आखिर तालिबान और दूसरे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में कमजोर क्‍यों साबित होता जा रहा है।

पढ़ें-तो पाक में ड्रोन हमले ओबामा की मंजूरी के बिना ही होते हैं!

अमेरिका की नीति में पाक नहीं

अमेरिका विशेषज्ञों के मुताबिक अफगानिस्‍तान के कई हिस्‍सों में मौजूद आतंकियों की वजह से एक अलग ही असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।

वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक वूड्रो विल्‍सन सेंटर में साउथ एशिया एक्‍सपर्ट माइकल कुगेलमैन के मुताबिक साउथ एशिया के लिए अब अमेरिका की एकदम नई नीति देखने को मिल रही है। एक ऐसी नीति जिसमें अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान की जगह भारत की हिस्‍सेदारी कहीं ज्‍यादा है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
US is frustrated with Pakistan's continued support to Taliban and other terrorist organisation. US aid to Pakistan is set to fall to less than $1 billion in 2016.
Please Wait while comments are loading...