पाकिस्तान के बढ़ते परमाणु हथियार और ओबामा का बढ़ता ब्लड प्रेशर
वाशिंगटन। पेंटागन के एक टॉप ऑफिसर ने कहा है कि अमेरिका, पाकिस्तान के तेजी से बढ़ती परमाणु हथियारों की संख्या को लेकर खासा परेशान है। पेंटागन के मुताबिक ये हथियार 'दुर्घटना' का खतरा बढ़ा रहे हैं।

अमेरिकी कांग्रेस को दी जानकारी
डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल विंसेंट स्टीवर्ट ने अमेरिकी कांग्रेस की एक सुनवाई के दौरान सांसदों को बताया कि पाकिस्तान का परमाणु भंडार लगातार बढ़ रहा है।
हम इस इजाफे से तो चिंतित हैं ही, साथ ही साथ हम सामरिक परमाणु हथियारों से जुड़े तत्वों के विकास को लेकर भी चिंतित हैं। उनका कहना था कि इससे किसी घटना या दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
आतंकियों को न्यूक्लियर प्रोग्राम की जानकारी
वैश्विक खतरों पर सदन की आर्म्ड सर्विस कमेटी के सामने स्टीवर्ट ने कहा कि इस्लामाबाद अपनी न्यूक्लियर सिक्योरिटी में सुधार लाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर आतंकियों के कारण मंडराने वाले खतरे से वाकिफ है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस वर्ष आतंकी, कट्टरपंथी और अलगाववादी समूहों से आंतरिक सुरक्षा के खतरों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि खोरासन में आईएसआईएस और भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा भी इस्लामाबाद के लिए सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चिंता का विषय रहेंगे।
अगर हुआ भारत पाक में युद्ध?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर उग्रवाद रोधी अभियानों और कराची में अर्धसैन्य अभियानों को हिंसा में कमी लाने में कुछ सफलता मिली थी और इन अभियानों के जारी रहने की संभावना है।
स्टीवर्ट ने कहा कि पिछले साल उच्च स्तरीय राजनयिक संपर्क और अगले साल वार्ताएं जारी रखने के समझौते के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में कमी आई।
हालांकि अगर भारत में कोई बड़ा आतंकी हमला होता है तो दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ जाने का बड़ा खतरा बना हुआ है।












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