भारत और रूस के रिश्ते बिगाड़ने के लिए झूठ का सहारा लेती पाक मीडिया!
रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में पाकिस्तान मीडिया में आई रिपोर्ट्स को बताया गया गलत। रूस ने कहा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) से जुड़ने की कोई मंशा नहीं है।
मॉस्को। भारत और रूस के बीच पिछले पांच दशकों की दोस्ती में दरार डालने के लिए पाकिस्तान की मीडिया ने अब झूठ बोलने का काम शुरू कर दिया है। रूस की ओर से मंगलवार को एक बयान के जरिए इन सभी झूठों का भांडाफोड़ किया गया है।

पाक मीडिया की गलत रिपोर्ट
रूस ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह से चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) से जुड़ना नहीं चाहता है।
रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है, 'पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि रूस और पाकिस्तान के बीच सीपीईसी का हिस्सा बनने के लिए सीक्रेट डील चल रही है। यह पूरी तरह से गलत है और इसमें कोई भी तथ्य नहीं है।'
कोई सीक्रेट डील नहीं
बयान में आगे कहा गया है कि रूस इस तरह की किसी भी संभावना को लेकर पाकिस्तान के साथ कोई भी चर्चा नहीं कर रहा है।
बयान के मुताबिक रूस और पाक के बाद व्यापारिक और आर्थिक सहयोग है जिसकी अपनी एक अलग अहमियत है। रूस इसे मजबूत बनाने की कोशिशें करेगा।
रूस ने कहा है रूस की कंपनियां पाक के शहर कराची से लाहौर तक गुजरने वाली जिस गैस पाइपलाइन को बिछाने का काम कर रही है वह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर आधारित है।
क्या कहा था पाक मीडिया ने
पाकिस्तान की मीडिया ओर से कहा गया था कि रूस ने पाकिस्तान से सीपीईसी के तहत ग्वादर पोर्ट का प्रयोग करने की मंजूरी मांगी है।
पाकिस्तान ने ऐसा करने की अनुमति दे दी है और साथ ही रूस ने सीपीईसी के साथ जुड़ने की इच्छा भी जताई है।पाक मीडिया ने कहा था कि रूस ने सीपीईसी के साथ आकर ज्यादा से ज्यादा फायदा कमाने की कोशिशों में लगा है।
मीडिया ने कहा था रूस ने पाकिस्तान के साथ रक्षा और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की भी मंशा जाहिर की है। पाक ने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की कोशिशों के तहत रूस को ग्वादर पोर्ट के प्रयोग की मंजूरी दी है।












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