भारत में पराली जलने से पाकिस्तान की भी हवा खराब? लाहौर में त्राहिमाम, कर सकता है ये अपील
पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा है कि 'भारतीय पंजाब में पराली जलने' से लाहौर में हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और इस मुद्दे को वह भारत के साथ राजयनिक स्तर पर उठाएगा। गौरतलब है कि लाहौर पहले से ही दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है।
पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर के साथ एक मुलाकात के दौरान पाकिस्तानी पंजाब के केयरटेकर मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने उन्हें बताया कि लाहौर में धुंध फैलने की मुख्य वजह 'भारत के पंजाब में फसलों के अवशेष का जलना' है।

पराली के मुद्दे पर भारत से राजनयिक स्तर पर बात करेगा पाकिस्तान
पाकिस्तानी पंजाब के सीएम ने अपने प्रधानमंत्री से गुजारिश की है कि वह इस मसले पर भारत से बात करें। इसपर काकर ने पाकिस्तानी पंजाब सरकार को भरोसा दिलाया है कि धुंध के मुद्दे पर वह भारत से बात करेंगे। उन्होंने इस मुद्दे के सुलझने की उम्मीद जताते हुए कहा, 'हम इस मसले को राजनयिक स्तर पर भारत के साथ उठाएंगे।'
दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है लाहौर
दरअसल, इस मौसम में अगली फसल की तैयारी के लिए पराली जलाने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इसकी वजह से हवा में मौजूद खतरनाक कण धुंध में तेजी से घुल जाते हैं। लाहौर वैसे ही हवा की खराब गुणवत्ता की वजह से दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहता है।
हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने वाले वैश्विक प्लेटफॉर्म www.iqair.com के मुताबिक सोमवार को पाकिस्तानी पंजाब की राजधानी का AQI 447 तक पहुंच गया था। हवा को तभी सांस लेने लायक और सुरक्षित माना जाता है, जब AQI 50 से कम रहे।
पहले भी पाकिस्तान भारत को देता रहा है दोष
लाहौर भारतीय सीमा से महज 20 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। पाकिस्तान में भी मानसून के बाद किसान अगली फसल की तैयारी के लिए भारत की तरह ही पराली जलाते हैं। इससे पहले भी पाकिस्तान सरकार और वहां के नेता लाहौर की हवा बिगड़ने के लिए भारत में पराली जलने को दोष देते रहे हैं।
हालांकि, मौसम के जानकारों का मानना है कि हवा प्रदूषक किस दिशा में फैलेंगे, यह हवा की दिशा पर निर्भर करती है। पाकिस्तानी पंजाब के पर्यावरण मंत्री बिलाल अफजल ने भी प्रदूषण में बढ़ोतरी के लिए हवा की दिशा में बदलावों को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने शहरी धुंध से स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लोगों को मास्क पहनने और बार-बार हाथ धोते रहने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, 'सरकार धुंध पैदा करने वाले कारकों के नियंत्रण के उपाय लागू कर रही है। इस साल शहर में धुंध की स्थिति पिछले साल की तुलना में बेहतर है।' (इनपुट- पीटीआई)












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