पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से ज्यादा है मंत्रियों-सचिवों की सैलरी, राष्ट्रपति से भी अधिक कमाते हैं SC के जज
पाकिस्तान में बड़े पदों पर बैठे लोगों की सैलरी में बहुत ज्यादा विसंगतियां सामने आई हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को मंत्री और सचिव से कम वेतन मिलता है। जज सबसे ज्यादा कमाई करते हैं।

पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के जजों को वहां के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी ज्यादा सैलरी मिलती है। यह खुलासा तब हुआ है, जब पाकिस्तानी लोक लेखा समिति ने सुप्रीम कोर्ट के खर्चों की छानबीन की है। हैरानी की बात है कि पाकिस्तानी पीएम वेतन के मामले में मंत्रियों और सचिवों से भी गरीब हैं।
पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के जजों की सैलरी सबसे ज्यादा
द न्यूज इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी लोक लेखा समिति ने जो अपनी रिपोर्ट दाखिल की है, उसके आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में सबसे ज्यादा सैलरी वहां के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को मिलती है। दूसरे नंबर पर सुप्रीम कोर्ट के बाकी जज आते हैं। पाकिस्तानी राष्ट्रपति वेतन के मामले में तीसरे रैंक में आते हैं।
पाकिस्तानी चीफ जस्टिस सैलरी के मामले में नंबर 1
लेकिन, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की हालत तो सैलरी के मामले में और भी दयनीय है। उन्हें मंत्रियों और संघीय सचिवों से भी कम वेतन मिलता है। पीएसी चेयरमैन ने सदस्यों को जानकारी दी है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति की सैलरी 8,96,550 पाकिस्तानी रुपए है। जबकि, पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को 15,27,399 पाकिस्तानी रुपए मिलते हैं।
पाकिस्तानी पीएम से ज्यादा है मंत्रियों-सचिवों की सैलरी
इसी तरह पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के जजों की सैलरी 14,70,711 पाकिस्तानी रुपए और संघीय मंत्रियों की सैलरी 3,38,125 पाकिस्तानी रुपए है। लेकिन, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को 2,01,574 पाकिस्तानी रुपए वेतन के तौर पर मिलता है।
सांसदों से ज्यादा वेतन लेते हैं अफसर
एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि पाकिस्तान में ग्रेड-22 अफसरों को 5,91,475 पाकिस्तानी रुपए सैलरी मिलती है। जबकि, पाकिस्तानी सांसदों को सिर्फ 1,88,000 पाकिस्तानी रुपए वेतन के रूप में प्राप्त होता है। रिपोर्ट के मुताबिक पीएसी ने इन लोगों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं का ब्योरा मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट से खर्चों का मांगा जा रहा है हिसाब
पीएसी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को 10 साल से ज्यादा के खर्च का ब्योरा देने के लिए पेश होने को कहा था। लेकिन, वह नहीं आए। अब उन्हें अगले मंगलवार को पेश होने के लिए कहा गया है और चेतावनी दी है कि अगर इस बार नहीं आए तो वारंट जारी कर दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने किया था पेश होने से इनकार
पीएसी के चेयरमैन नूर खान के मुताबिक रजिस्ट्रार ने एक चिट्ठी लिखी थी कि सुप्रीम कोर्ट के अकाउंट के ऑडिट का मसला अदालत में है और यह पीएसी के दायरे में नहीं आता, इसलिए वह समिति के सामने पेश होने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट जवाबदेह क्यों न हो- पीएसी चेयरमैन
नूर खान ने कहा है कि जब नेशनल असेंबली और पाकिस्तानी चुनाव आयोग और अन्य संस्थाएं अपने खातों के लिए पीएसी के प्रति जवाबदेह हैं तो फिर पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट को उत्तरदायी क्यों नहीं होना चाहिए।
पाकिस्तानी अकाउंटेंट जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को इसलिए समन दिया, क्योंकि, कुल 83 ऑडिट आपत्ति उटाए गए थे। जिनमें से सिर्फ 12 मामले ही सुलझाए गए। नूर खान के मुताबिक ऑडिटर जनरल ने साल 2015 से लेकर 2021 तक सुप्रीम कोर्ट के खर्चों की ऑडिट की है। (स्रोत: एएनआई)












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