मोदी ने लगाई यूएन में डांट तो पाक ने मानी अपनी गलती
न्यूयॉर्क। पाकिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन अफेयर्स के सलाहकार सरताज अजीज ने माना है कि भारत में पाक हाइकमिश्नर अब्दुल बासित की हुर्रियत नेताओं के साथ मुलाकात की टाइमिंग गलत थी।

मीडिया को इंटरव्यू में कही बात
अजीज ने यह बात न्यूज चैनल आज तक को दिए इंटरव्यू में कही है। गौरतलब है कि बासित की हुर्रियत नेताओं से मुलाकात की वजह से नाराज होकर भारत ने अगस्त में भारत-पाक के बीच होने वाली सचिव स्तर की वार्ता को रद्द कर दिया था। यह वार्ता 25 अगस्त को इस्लामाबाद में होनी थी।
मोदी की तारीफ लेकिन हुर्रियत को बताया जरूरी
सरताज अजीज ने यूएन में मोदी के भाषण की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में जो सकारात्मक बात लगी, जब उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान समेत अपने पड़ोसी देशों से रिश्ते सुधारना चाहते हैं।
वहीं वह यह कहने से भी बाज नहीं आए कि पाक हुर्रियत से बात करने का हक नहीं छोड़ेगा। अजीज ने यह जरूर कहा कि हाई-कमिश्नर के साथ मीटिंग की जो टाइमिंग थी, उसे हम गैर-जरूरी कह सकते हैं।
अजीज के मुताबिक बुनियादी बात ये है कि जब भी कश्मीर की बात होगी तो पाक को हुर्रियत से ही करनी होगी। हम कश्मीर मसले को नहीं छोड़ सकते, क्योंकि इस मामले में वो (हुर्रियत) भी एक स्टेक होल्डर है।
फिर वहीं पुराना रिकॉर्ड
सरताज अजीज लेकिन इसके साथ ही अपने पुराने रिकॉर्ड पर वापस लौट आए। अजीज ने कहा कि पाकिस्तान राजनयिकों और हुर्रियत नेताओं के बीच भेंट पिछले 30 साल से होती रही है और उसमें नया कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, चूंकि भारत ने बातचीत को सस्पेंड किया है, इसलिए उसे बहाल करने का जिम्मा भी भारत का है।
सरताज की मानें तो पाक को उम्मीद थी कि दोनों नेता मिलेंगे। दोनो देशों के नेताओं के मिलने से संवाद को गति मिलती है। यह भारत पर निर्भर करता है। अगर भारत पहल करता है तो हमें उसका इंतजार है।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के बयान का बचाव करते हुए सरताज ने कहा कि कश्मीर का समाधान वहां के लोगों को भी मान्य होना चाहिए, इसलिए पीएम नवाज ने वहां के लोगों की राय मालूम करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि हमने किसी तीसरे को इस बातचीत में शामिल नहीं किया।












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