दूसरी बीवी की चाह में विक्षिप्त के हाथों सौंप दी 13 साल की बेटी
एक पिता ने अपनी 13 साल की बेटी को उससे तीन गुना उम्र के शख्स से कर दी। उसने ये शादी इसलिए कर दी ताकि वो इस विक्षिप्त शख्स की बहन को अपनी दूसरी बीवी बना सके।
जामपुर। पाकिस्तान के पंजाब सूबे मे दूसरी शादी के लिए अपनी बेटी की शादी दिमागी तौर पर विक्षिप्त शख्स से करने का मामला सामने आया है। जामपुर क्षेत्र के देहात में रहने वाले वजीर अहमद की शादी को लंबा वक्त हो चुका है उनको कई बेटियां है लेकिन बेटा नहीं है। वजीर ने बेटे की चाह में दूसरी शादी करने के लिए अपनी बेटी का ही सौदा कर दिया।

वजीर को मोहम्मद रमजान की बहन से शादी करने की चाह थी लेकिन रमजान के खुद अविवाहित होने की वजह से ये मुमकिन नहीं था। इसलिए उसने रमजान से अपनी बेटी की शादी उससे कर दी। दरअसल 36 साल के रमजान की शादी ना होने की वजह उसकी दिमागी हालत थी। रमजान की दिमागी हालत एकदम खराब है। वह ना सुन सकता है और ना बोल सकता है और उसकी उम्र भी उसकी बीवी से तीन गुना ज्यादा है लेकिन पिता की शादी के लिए उसको रमजान की बीवी बनना पड़ा।
पाकिस्ताना मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, वजीर अहमद कहते हैं कि उनके यहां वड्डा-सड्डा चलता है, ऐसे में इस शादी में कुछ गलत नहीं है। वड्डा-सड्डा के तहत जिस घर से लड़की ली जाती है, उसी घर में अपने घर की लड़की दी जाती है। ऐसे में वजीर ने अपनी 13 साल की बेटी की शादी रमजान से करके उसकी बहन से शादी कर ली। बेटी की उम्र पूछने पर वजीर कहते हैं कि उम्र का क्या मतलब है। लड़की बड़ी हो गई है तो शादी को करनी ही होगी।
विक्षिप्त भाई के लिए की शादी
वजीर की दूसरी बीवी बनीं रमजान की बहन सबील कहती हैं कि उन्होंने अपने भाई की खातिर ये शादी की है। वो कहती है कि भाई की शादी हो ये उसका सपना था, ऐसे में जब वजीर ने उससे शादी करने के बदले रमजान की शादी अपनी बेटी से करने की बात कही तो वो मान गई। वहीं वजीर की पहली पत्नी भी इसी सही मानती हैं वो कहती हैं कि जब मैं बेचा पैदा ना कर सकी तो फिर मेरे पति के दूसरी शादी करने में कोई बुराई नहीं है।
वजीर की पहली पत्नी कहती है कि बेटी के शौहर की उम्र उससे काफी ज्यादा है लेकिन ये कोई मसला नहीं है। बेटी की शादी जितनी जल्दी हो जाए ठीक है क्योंकि जवान बेटी के घर में रहते एक डर हमेशा बना रहता है। वो कहती हैं कि बेटी का पति अगर विक्षिप्त है तो इसमें किसी का कोई दोष नहीं है क्योंकि ये उसकी अपनी किस्मत है। इस क्षेत्र में इस तरह के मामले सामने आना कोई नई बात नहीं है। कई मानवाधिकार संगठन भी यहां काम करते हैं लेकिन नतीजा कोई खास नहीं निकलता। कई बार पुलिस पाकिस्तान के कानून के मुताबिक 16 साल से कम उम्र की लड़की से शादी करने के लिए गिरफ्तारियां भी करती है लेकिन अमूमन लड़कियां खुद को कोर्ट में 16 साल की बता देती हैं और मामले खत्म हो जाते हैं।
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