चीन ने कहा, चाहे कुछ भी हो जाए पाक का दामन कभी नहीं छोड़ेंगे
पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने कहा भले ही दुनिया में कुछ भी हो जाए, चीन और पाकिस्तान के रिश्ते कभी नहीं बदलेंगे। पाक को दिया भरोसा , चाहे कुछ भी हो जाए चीन हमेशा पाक के साथ खड़ा रहेगा।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने भारत को इशारा कर दिया है कि वह भले ही कुछ भी कर ले, चीन, पाकिस्तान का साथ नहीं छोड़ेगा। पाकिस्तान में चीन के राजदूत सुन वाइडोंग ने कहा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अतंराष्ट्रीय परिदृश्य क्या है या कैसा, चीन हमेशा पाक के साथ खड़ा रहेगा।

नहीं बदलेंगे रिश्ते
वाइडोंग के मुताबिक चीन और पाक के संबंधों में कभी कोई बदलाव नहीं होगा। वाइडोंग ने यह बात उस समय कही जब वह चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) पर एक राउंड टेबल चर्चा कर रहे थे।
वह इस्लामाबाद में सीपीईसी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए आए थे।
वाइडोंग ने कहा कि वर्ष 2016 चीन और पाक के संबंधों के लिए काफी अहम रहा है और इसी वर्ष दोनों देशों की दोस्ती ने 65 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
वाइडोंग ने कहा कि वीन और पाक ने हमेशा आपसी भरोसे और समझदारी का रिश्ता कायम रखा है।
दोनों के बीच 14 बिलियन का व्यापार
वाइडोंग के मुताबिक सीपीईसी के तहत 30 प्रोजेक्ट्स में से 17 पर काम जारी है। इनमें सबसे खास है पहले चीनी दल का काशगार, चीन होते हुए ग्वादर पहुंचना।
उनका कहना है कि सीपीईसी एक लंबा चलने वाला प्रोजेक्ट है ओर इसकी सफलता में हमें वातावरण का भी ध्यान रखना होगा।
चीन और पाक के बीच व्यापार अब 14 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है और आगे आने वाले समय में भी इसमें इजाफा होने की संभावना है।
वाइडोंग ने कहा कि पाकिस्तान और चीन दोनों के बीच ही एक रणनीतिक साझेदारी है और सीपीईसी इसी साझेदारी को मजबूत करेगा।
भारत के लिए क्या है अहमियत
वाइडोंग का यह बयान उस समय आया है जब भारत की ओर से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और पठानकोट आतंकी हमले के साजिशकर्ता मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की इजाजत दी है।
आपको बता दें कि चीन हमेशा अजहर को आतंकी मानने से इंकार करता आया है। इसके अलावा भारत की परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी एनएसजी में एंट्री को लेकर चीन हमेशा विरोध करता आया है।
भारत के लिए चीन की ओर से आया यह बयान अब इसलिए भी खास हो गया है क्योंकि रूस ने भी अब सीपीईसी में अपनी रुचि दिखानी शुरू कर दी है। रूस ने ग्वादर पोर्ट के प्रयोग की मंजूरी मांगी थी और पाक ने उसे ऐसा करने की इजाजत दे दी है।












Click it and Unblock the Notifications