चीन की मदद से पाकिस्‍तान ने UNSC से की बड़ी मांग, 6 आतंकियों को ब्‍लैकलिस्‍ट से हटाने की अपील

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान की इमरान खान सरकार ने करीब 4,000 आतंकियों के नाम टेरर वॉच लिस्‍ट से हटा दिए हैं। इसके साथ ही अब सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें आ रही हैं कि चीन अपने पुराने करीबी पाकिस्‍तान की मदद कर रहा है ताकि उसके छह आतंकियों के नाम यूनाइटेड नेशंस सिक्‍योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) की प्रतिबंधित सूची से हट जाएं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय मे कोरोना वायरस महामारी को लेकर चीन के खिलाफ माहौल बन रहा है। कई देशों से आवाजें उठने लगी हैं कि कोरोना वायरस को लेकर चीन के खिलाफ जांच हों।

इस वर्ष के खत्‍म होने तक नाम हटाने की कोशिश

इस वर्ष के खत्‍म होने तक नाम हटाने की कोशिश

इंग्लिश डेली हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स ने सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्‍तान की इमरान खान सरकार यूएनएससी पहुंची है। उसकी तरफ से यूएनएससी में अपील की जाएगी ताकि इस साल के खत्‍म होने से पहले आतंकियों का नाम लिस्‍ट से हटाया जा सके। इस बीच ऐसी भी खबरें हैं कि पाकिस्‍तान ने यूएनएससी से साफ कर दिया है कि उसके लिए उन आतंकियों को पता लगा पाना बहुत मुश्किल है जिन्‍हें आतंकी घोषित किया हुआ है। सूत्रों की मानें तो न पाकिस्‍तान न सिर्फ घरेलू स्‍तर पर अपना रिकॉर्ड क्‍लीन रखना चाहता है बल्कि वह यूएनएससी को भी यह बताना चाहता है कि उसकी तरफ से आतंकवाद रोकने की कोशिशें की जा रही हैं।

खतरनाक आतंकियों का नाम हटाया जाए

खतरनाक आतंकियों का नाम हटाया जाए

सूत्रों की मानें तो पाक की तरफ से जिन लोगों के नाम लिस्‍ट से हटाने का अनुरोध पाकिस्‍तान से किया गया है उसमें लश्‍कर-ए-झांगवी का चीफ ऑपरेशन कमांडर मतीउर रहमान भी शामिल है जिसे साल 2013 में यूएन की तरफ से आतंकी बताया गया था। यूएन एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्‍शन्‍स मॉनिटरिंग टीम मार्च माह में पांच दिन के दौर पर पाकिस्‍तान गई थी। विशेषज्ञों की मानें तो पाकिस्‍तान अपना ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर करने के लिए चीन की मदद ले रहा है। उसे पूरी उम्‍मीद है कि चीन उसकी मदद करेगा। आपको बता दें कि चीन की तरफ से कई बार जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को ब्‍लॉक कराने की कोशिशों में अड़ंगा डाला गया था।

आतंकियों पर कार्रवाई न करने का बहाना

आतंकियों पर कार्रवाई न करने का बहाना

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस बात में किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए कि चीन की सलाह के बाद ही पाकिस्‍तान यूएनएससी पहुंचा और आतंकियों का नाम हटाने की अपील कर रहा है। यूएनएससी की मॉनिटरिंग कमेटी को इमरान सरकार की तरफ से बताया गया कि वह प्रतिबंधित व्‍यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। सरकार ने तर्क दिया कि यूएन के पैनल की तरफ से अधूरी जानकारी मुहैया कराई गई थी। यूएनएससी की 1267 प्रतिबंध समिति की तरफ से पाकिस्‍तान से 130 व्‍यक्तियों को लिस्‍ट में रखा गया है।

सिर्फ 19 आतंकी पाक में मौजूद

सिर्फ 19 आतंकी पाक में मौजूद

पाक सरकार ने कमेटी को बताया है कि उसके यहां पर 130 में से बस 19 लोग ही हैं जिसमें लश्‍कर-ए-तैयबा का मोस्‍ट वॉन्‍टेड आतंकी हाफिज सईद भी शामिल है। पाक सरकार की तरफ से टीम को बताया गया है कि यूएन की तरफ से जो जानकारी उसे मुहैया कराई गई है उसमें सही डेट ऑफ बर्थ, राष्‍ट्रीयता, नेशनल आईडी नंबर, पासपोर्ट या फिर उन्‍हें प्रतिबंधित करने का कोई ठोस कारण नहीं दी गई है। पाकिस्‍तान की तरफ से इसी तरह की बात उस समय कही गई थी जब उसने अपनी टेरर वॉच लिस्‍ट से 3800 नामों को हटा दिया था।

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