Padmavati Row: नितिन गडकरी ने कहा- '... एक सीमा में रहे तो बेहतर है'
नई दिल्लीः फिल्म 'पद्मावती' को लेकर कई लोगों ने विरोध किया है। इस कड़ी में अब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कूद पड़े हैं। संजय लीला भंसाली पर आरोप लगाते हुए कहा- ''भाषण की स्वतंत्रता निरपेक्ष नहीं है। अभिव्यक्ति की आजादी मूलभूत अधिकार जरूर है लेकिन एक सीमा में रहे तो बेहतर है।'' गडकरी ने कहा कि फिल्म मेकर्स को सांस्कृतिक संवेदनशीलता बनाए रखने की जरूरत है।

'लोगों को फिल्म से नाराज होने का अधिकार है'
गडकरी ने कहा- फिल्म में इतिहास के साथ किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता। लोगों को फिल्म से नाराज होने का अधिकार है। बता दें, इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने पद्मावती ने सपोर्ट किया था। वरिष्ठ नेता का ये बयान उस समय आया है जब देशभर में फिल्म को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

करणी सेना ने दी है धमकी
फिल्म पद्मावती को लेकर इससे पहले कई विवाद सामने आ चुके हैं। करणी सेना अध्यक्ष ने धमकी देते हुए कहा, ''हमें भड़काव मत। हम उनका (दीपिका पादुकोण) सौर्पानका की तरह नाक काट देंगे....। संजय लीला भंसाली को इतिहास के फैक्ट्स को खत्म करने के लिए जाना जाता है। भंसाली को इस फिल्म को बनाने के लिए दुबई से काफी पैसा मिला है।''

कई लोगों ने लिखी खून की चिट्ठी
करणी सेना चीफ लोकेंद्र सिंह ने कहा, भंसाली की फिल्म पद्मावती के खिलाफ खून से लिखी चिट्ठी हर डीएम और सिनेमाघर के मालिकों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा, राजपूत समाज हर हार में सिनेमाघरों में फिल्म की रिलीज होने से रोकेगा।












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