भाई के लिए बागेश्वर धाम अर्जी लगाने गया युवक, उससे पहले ही पुलिस ने कर डाली मर्डर मिस्ट्री सॉल्व
प्रेमिका पर शादी का दवाब बनाने की कीमत एक युवक को अपनी जान गवां कर चुकानी पड़ी। प्रेमिका ने परिजनों के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने तालाब से नरमुंड और हड्डियां बरामद की हैं।

कई महीनों से गायब भाई का जब पुलिस पता नहीं लगा सकी, तब एक लाचार भाई बागेश्वर धाम पर अर्जी लगाने गया। लेकिन अर्जी लगाने से पहले ही पुलिस ने घटना का अचानक खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये हैरान कर देने वाली घटना यूपी के नोएडा की है, जहां प्रेमिका पर शादी का दवाब बनाने की कीमत एक युवक को अपनी जान गवां कर चुकानी पड़ी। प्रेमिका ने परिजनों के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने तालाब से नरमुंड और हड्डियां बरामद की हैं। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले रंजीत की हत्या में उसकी प्रेमिका समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

अश्लील विडियो भेजकर शादी का दबाब बना रहा था
दरअसल, गाजियाबाद के थाना वेवसिटी अंतर्गत बम्हैटा की रहने वाली 23 वर्षीय नेहा का प्रेम प्रसंग गौतबुद्धनगर के बिसरख में रहने वाले रंजीत से पिछले 5-7 सालों से चल रहा था। मृतक रंजीत मूलतः यूपी के हरदोई का रहने वाला था, तो वहीं नेहा और उसका परिवार मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक रंजीत का रामबाबू के घर आना जाना भी था। मृतक रंजीत नेहा से शादी करना चाहता था। यही नहीं बल्कि रंजीत नेहा के कुछ अश्लील विडियो व फोटो घरवालो को भेजकर नेहा से शादी का दबाब बना रहा था। नेहा के घरवालो को यह बात बिल्कुल बर्दाश्त नही थी। जिसके चलते उन्होंने रंजीत को मौत के घाट उतारने की साजिश बनाई।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा विशाल पांडे ने बताया मूलरूप से हरदोई निवासी रंजीत हैबतपुर गांव में रहता था। वह ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में लोगों के कपड़े प्रेस करता था। 13 जून 2022 को वह लापता हो गया।

पूरे परिवार ने मिलकर रंजीत को उतारा मौत के घाट
साजिश के तहत नेहा के परिजनों ने रंजीत को लगभग आठ महीने पहले शादी की बात करने के बहाने गाजियाबाद के बम्हेटा स्थित अपने घर बुलाया। जिसके बाद योजना के तहत रामबाबू द्वारा मृतक रंजीत के हाथ पकड़े गए। प्रेमिका के मामा मनीष ने रंजीत के पैर पकड़े और रामबाबू के लड़के शुभम उर्फ शिवम दूबे द्वारा रंजीत का गला दबाया गया। इस दौरान बीना व उसकी पुत्री नेहा दोनो रंजीत की साँसे रुकने तक मौके पर मौजूद रही। रंजीत की हत्या के बाद सभी ने मिलकर चौकी चिपियाना बुजुर्ग क्षेत्र में पड़ने वाले लोको सेड (रेलवे यार्ड) के जंगल में बने तलाब में उसके शव को फेंक दिया।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
बीती 26 जनवरी को कुछ ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर शव को तलाब से बरामद किया गया। आपको बता दें कि मृतक रंजीत के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा जा चुका है तो वहीं मृतक रंजीत उपरोक्त के शव से बरामद जूते, बेल्ट, चाबी व पेन्ट की पहचान मृतक के भाई द्वारा की जा चुकी है। बताते चलें कि वारदात से एक माह पहले नेहा और उसके परिजनों ने रंजीत की पिटाई भी की थी। पुलिस ने रंजीत के लापता होने के बाद आरोपियों से कई बार पूछताछ की थी लेकिन वह हर बार पुलिस को गुमराह करते रहे।
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5 महीने तक नहीं लिखी गई थी रिपोर्ट
रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि भाई के लापता होने के बाद उन्होंने थाने से लेकर चौकी के कई चक्कर लगाए। इन्होने बताया कि पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के लिए उन्हें पांच माह तक टरकाया गया। काफी मिन्नतों के बाद बिसरख कोतवाली पुलिस ने रंजीत की गुमशुदगी की शिकायत 24 नवंबर को दर्ज की। इसके बाद भी रंजीत का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था। कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने पांच फरवरी को सभी आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की और सोमवार को पांचों को गिरफ्तार कर लिया।
बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने से पहले हुआ खुलासा
रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि वह पांच भाई थे और तीन बहन हैं। रंजीत तीसरे नंबर था। आठ माह बीतने के बाद भी जब पुलिस रंजीत का पता नहीं लगा पाई तो उनका एक भाई सुशील बागेश्वर धाम पर अर्जी लगाने गया था। हालांकि अर्जी लगाने से पहले ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया।












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