बसें लेकर DND फ्लाईओवर पर पहुंचे कांग्रेसी, पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने पर दर्ज की FIR
नोएडा। लॉकडाउन के बीच गैर प्रदेशों से पलायन कर उत्तर प्रदेश वापस लौट रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए बस मुहैया कराने को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर बुधवार को भी जारी है। वहीं, बुधवार को दिल्ली से नोएडा आ रही कांग्रेस की करीब 100 बसों को डीएनडी फ्लाईओवर पर पुलिस ने रोक लिया है। साथ ही कांग्रेस नेता पंकज मलिक समेत 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने इन सभी पर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

50 लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR
इस मामले में गौतमबुद्धनगर के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मंगलवार को जानकारी मिली कि किसी राजनीतिक दल से संबंध रखने वाले करीब 50 से 60 लोग एक्सप्रेसवे पर खड़े हैं। इस दौरान उन्होंने धारा-144 और लॉकडाउन का उल्लंघन किया। इस मामले में करीब 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वहां कुछ बसें भी खड़ी थी। आरटीओ ऑफिस की टीम ने इन बसों की जांच की और 2 बसों को सीज किया। अधिकारी बस इसलिए सीज की गयी क्योंकि वो डिफॉल्टर थीं।

16 मई को प्रियंका ने सीएम योगी से मांगी थी अनुमति
कोरोना महामारी के बीच देश की सड़कों पर भूखे प्यासे, नंगे पांव अपनी जान जोखिम में डालकर चल रहे श्रमिकों के लिए 1000 बसें चलाने की सियासत का आज 5वां दिन है। बीते 16 मई को प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ सरकार को चिट्ठी लिखकर बसों को चलाने की अनुमति मांगी थी। कहा था कि, बसें यूपी बॉर्डर पर खड़ी हैं। योगी सरकार ने प्रियंका की पेशकश को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन उसके बाद से सियासत जारी है। पहले सरकार ने सभी बसें लखनऊ भेजने को कहा था, लेकिन बाद में 500 बसें गाजियाबाद और 500 बसें नोएडा जिला प्रशासन को देने के लिए कहा।

धोखाधड़ी के आरोप में लखनऊ में एफआईआर
एक हजार बसों की सूची के मामले में लखनऊ आरटीओ आरपी द्विवदी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर हजरतगंज कोतवाली में धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि, बसों की सूची की जांच में ऑटो, एंबुलेंस व बाइक के नंबर मिले। वहीं, कुछ बसों के नंबर की पुष्टि नहीं हो पाई। कुछ बसों के नंबर चोरी के वाहन होने की भी आशंका है। यह कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 145/20 आईपीसी की धारा 420, 467, 468 के तहत हुई है।

'बुधवार शाम तक बसों के साथ खड़े रहेंगे'
वहीं, संदीप सिंह ने देर रात एक और पत्र उत्तर प्रदेश सरकार को लिखा। जिसमें सिंह ने आरोप लगाया कि मंगलवार को पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी उन्हें बसों के साथ गाजियाबाद और नोएडा जाने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा- हम बुधवार शाम चार बजे तक उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर बसों के साथ खड़े रहेंगे। तब तक सरकार कोई सकारात्मक जवाब दे जिससे मजदूरों की मदद हो सके।












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