नोएडा: स्कूल में 14 साल की छात्रा ने की खुदकुशी, परिवार ने लगाया रेप और हत्या का आरोप
नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 10वीं कक्षा की एक 14 साल की छात्रा का शव अपने क्लास रूम में फांसी के फंदे पर लटका हुआ बीते 3 जुलाई को मिला था। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि उसकी रेप के बाद हत्या कर दी गई और स्कूल प्रबंध ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही उसका अंतिम संस्कार भी करा दिया। इतना ही नहीं, परिजनों का आरोप है स्कूल ने एक कागज पर प्राकृतिक मृत्यु की बात लिखकर उनसे जबरन हस्ताक्षर करवा लिए थे।
Recommended Video

यह घटना कथित रूप से सेक्टर 115 में स्कूल में 3 जुलाई को हुई और रविवार को सोशल मीडिया पर हंगामा मचने के बाद यह मामला प्रकाश में आया। मृतका के परिजनों के अनुसार, उनके 3 बच्चे नोएडा के इस आवासीय स्कूल में पढ़ते हैं। उनकी दो बेटियां एक ही स्कूल में पढ़ती थीं, जबकि बेटा इसी स्कूल के दूसरे ब्रांच में पढ़ता था। लॉकडाउन होने के बाद उनके तीनों बच्चे घर आ गए थे। जून में स्कूल की तरफ से नोटिस आया कि सभी बच्चों को स्कूल आकर अपनी परीक्षा देनी होगी, जिसके बाद उन्होंने अपने तीनों बच्चों का मेडिकल टेस्ट कराया और 17 जून को उन्हें स्कूल छोड़ आए।
हरियाणा मूल के इस परिवार के अनुसार, उनकी सबसे बड़ी बेटी इस स्कूल में दसवीं की छात्रा था। उसे 3 जुलाई को उसकी क्लास में सीलिंग फैन से लटकता हुआ पाया गया था। मृतका की मां का आरोप है कि उन्हें 3 जुलाई को स्कूल की तरफ से फोन आया है और तत्काल स्कूल पहुंचने के लिए कहा गया। इस पर उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लिहाजा, वह स्कूल नहीं आ सकते हैं। इसके बाद, स्कूल ने अपनी तरफ से गाड़ी की व्यवस्था कर उन्हें स्कूल बुलाया।
स्कूल पहुंचते ही उनके मोबाइल फोन स्कूल प्रबंधन ने अपने कब्जे में ले लिए। उन्हें उस कमरे में ले जाया गया, जहां उसकी बेटी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने जबरन एक कागज पर उनके हस्ताक्षर ले लिए, जिसमें लिखा था कि उसकी बेटी की प्राकृतिक कारणों से मृत्यु हुई है। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने अपनी बेटी का शव उनके सुपुर्द करने के लिए कहा तो स्कूल प्रशासन ने साफ इंकार कर दिया। स्कूल प्रशासन ने जबरन उनकी बेटी का अंतिम संस्कार नोएडा में ही करा दिया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने इस बाबत न ही पुलिस को सूचना दी और न ही उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। उनकी बेटी की खुदकुशी की बात को छिपाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने उनकी छोटी बेटी को उसके कमरे में कैद कर दिया था। परिजनों ने यह भी खुलासा किया है कि उसकी बेटी के बैग से कई पर्ची मिली हैं, जिसमें उसने बार-बार दो लोगों के नाम का जिक्र किया है। अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए परिजनों ने अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, परिजनों की बात सुनने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नोएडा पुलिस को पत्र लिखा है।
एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि लड़की के साथ से सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में स्पष्ट लिखा है मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है। सुसाइड नोट में छात्रा अपने परिवार कि कुछ बाते लिखी है और परिवार कि समस्या का जिक्र किया है। ये मामला सुसाइड का लगता है। फिर भी हमने उनके माता-पिता का से कहा अगर परिजनो के पास कोई जानकारी है तो बताए हम मामले की जांच करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications