मौत का खेल खेलने के बाद चिड़ियाघर का 'सेंटर ऑफ एट्रेक्शक्शन' बन गया विजय
नयी दिल्ली। दिल्ली के चिड़ियाघर में एक सफेद बाघ ने 12वीं के एक छात्र को मौत के घात उतार दिया। बाघ ने 15 मिनट तक उसे तड़पाया और फिर से मौत के घाट उतार दिया। जिस बाघ ने मकसूद नाम के शख्स को मौत के घात उतार दिया उसका नाम विजय था जो उसी चिड़ियाघर में पैदा हुआ था।

मकसूद की हत्या करने के बाद विजय तो मानो लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन गया है। लोगों को इस भयानक हादसे की जानकारी मिली, विजय बाघ को देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग चिड़ियाघर में विजय को देखने आ रहे हैं।
खबर है कि कई लोग तो इस घटना के बाद चिडियाघर देखने की योजना भी बना चुके हैं जिनमें से कई तो इस सफेद बाघ को देखने वहां पहुंच भी गए, लेकिन लोगों के हाथ निराशा लगी क्योंकि बाड़े में विजय की जगह दूसरा बाघ मौजूद था। मकसूद की हत्या के बाद से ही विजय को चिडियाघर प्रसाशन ने बाड़े से हटाकर पिंजरे में रखा है। चिड़ियाघर प्रशासन विजय की हर गतिविधि पर नजर रख रही है। उसे कुछ दिनों के लिए पिंजरे में रखने का ही फैसला किया है।












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