विश्वास मत पर संशय बरकरार, गिर सकती है 'आप' की सरकार

क्या कहते हैं सदन के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 36 विधायकों की जरूरत होती है। 'आप' के 28 विधायकों का अगर कांग्रेस के आठ विधायक समर्थन देते हैं तो सरकार बहुमत तक पहुंच जाएगी। बताया जा रहा है कि जदयू के शोएब इकबाल भी 'आप' के समर्थन में हैं अत: सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि कांग्रेस के जयकिशन और आप के दिनेश मोहनिया बुधवार को शपथ लेने सदन नहीं पहुंचे थे। ऐसे में कांग्रेस के अन्य विधायकों द्वारा 'आप' की खिलाफत करने से सरकार गिर सकती है, अत: कहा जा सकता है कि केजरीवाल सरकार के लिए सब कुछ आसान नहीं है।
अगर विपक्ष की बात करें तो भाजपा के 31 विधायक हैं, अकाली दल के साथ इनकी संख्या 32 हो जाती है। उम्मीद की जा रही है कि 'आप' द्वारा किये गये अपने चुनावी वादों को पूरा करने के बाद कांग्रेस अगर केजरीवाल का साथ नहीं देती है तो इससे जनता में कांग्रेस की ही खिलाफत होगी और दोबारा चुनाव की स्थिति में 'आप' को पूर्ण बहुमत मिल सकता है।
आज दोपहर दो बजे मनीष सिसोदिया सदन में विश्वास प्रस्ताव रखेंगे, जिस पर चर्चा के बाद वोटिंग करवाई जाएगी। वहीं भाजपा के जगदीश मुखी ने स्पीकर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है।












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