कर्नाटक में संविधान में परिवर्तन का मुद्दा उठाने वाले सांसद का कटा टिकट, जानिए बीजेपी ने किसे बनाया उम्मीदवार
लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने एनडीए की 400 सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया है। पार्टी ने कर्नाटक से छह बार के सांसद अनंत कुमार हेगड़े का लोकसभा चुनाव का टिकट बदल दिया है। पार्टी ने उनके विवादित बयान के चलते उनका टिकट बदला है।
भाजपा सांसद आनंद कुमार हेगड़े ने पिछले महीने ही विवादित भाषण दिया था। इससे सियासी बवाल खड़ा हो गया था। उन्होंने बयान दिया था कि भाजपा की 400 लोकसभा सिम जीतने का लक्ष्य संविधान में परिवर्तन करना है। कांग्रेस पर हिंदुओं पर अत्याचार करने के लिए संविधान बदलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने एक सभा के दौरान कहा था कि संविधान को फिर से लिखने की जरूरत है। इसके लिए संविधान में संशोधन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसमें अनावश्यक चीजों को जबरदस्ती भरकर इसके मूल रूप को विकृत कर दिया है। ऐसे कई कानून बना दिए गए हैं। जिनका मकसद हिंदू समाज को दबाना था। अब इसे बदलने के लिए मौजूदा बहुमत के साथ यह संभव नहीं है।

उन्होंने कहा था कि लोकसभा में पीएम मोदी के पास दो तिहाई बहुमत है। इस बहुमत के चलते यह संभव नहीं हो सकता। संविधान में संशोधन के लिए जरूरी है कि राज्यसभा और राज्यों में भी दो तिहाई बहुमत हो।
सांसद हेगड़े के इस बयान के बाद पार्टी में नाराजगी बढ़ गई। पार्टी ने उनका टिकट बदलकर छह बार के विधायक विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी जो कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष और राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। उनको पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा के उम्मीदवारों के चयन से साफ है कि पार्टी नफरत फैलाने वाले भाषणों और विवादास्पद टिप्पणियां करने वाले नेताओं को रोकना चाहती है। इससे पहले भी फायर ब्रांड महिला नेता प्रज्ञा सिंह ठाकुर, दिल्ली के सांसद रमेश विधूड़ी और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा जैसे नेता सांसद होने के बावजूद चुनाव हार गए थे। ऐसे में पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।
पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने पिछले दिनों एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कहा था कि जहां जीत की संभावनाएं हैं। वहां पार्टी उम्मीदवारों पर कड़ी नजर रख रही है। पार्टी द्वारा ऐसे नेताओं पर भी नजर रखी जा रही है। जो भड़काऊ बयान और भाषण देकर नेतृत्व को शर्मिंदा करते हैं। इंटरव्यू के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी ऐसे नेताओं को टिकट दे रही है। जिससे यह संदेश जाए कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखनी होगी। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर चेतावनी भी दे चुके हैं कि पार्टी के नेताओं को विवादास्पद बयान नहीं देने चाहिए।












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