दिल्ली: चिकनगुनिया-डेंगू को लेकर एनजीटी की नगर निगमों को फटकार
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रहे डेंगू और चिकनगुनिया की शिकायतों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली की नगर निगमों को फटकार लगाई है।

डेंगू-चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों पर एनजीटी नाराज
एनजीटी ने दिल्ली के सभी म्यूनिसिपल एजेंसियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर उन्होंने राजधानी में बढ़ रहे चिकनगुनिया और डेंगू के मामलों के रोकने के लिए जरूरी कदम क्यों नहीं उठाया।
एनजीटी ने नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) से पूछा है कि आखिर वह दिल्ली में चिकनगुनिया और डेंगू को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?
इस सवाल के जवाब में एनडीएमसी ने बताया कि राजधानी के सभी घरों में दवा का छिड़काव और जरूरी जांच की कार्रवाई की जा रही है। जिससे मच्छरों को बढ़ने से रोका जा सके।
'आखिर दो महीने तक क्या कर रही थी एनडीएमसी?'
एनजीटी ने एनडीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर आप दो महीने तक क्या करते रहे? लगता है आपके पास कोई एक्शन प्लान नहीं है। दिल्ली में हर आदमी बीमार हो रहा है। आप इससे आंखें कैसे बंद कर सकते हैं?
एनजीटी ने कहा कि आखिर एमसीडी, डीडीए, दिल्ली सरकार और एनडीएमसी ने साथ बैठकर इन बीमारियों को दूर करने के लिए कोई एक्शन प्लान क्यों नहीं बनाया?
एनजीटी का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत बहुत डरावना है, मुझे आप गढ़े हुए रजिस्टर मत दिखाइये।
सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर
एनजीटी ने पूरे मामले से जुड़े अधिकारियों को अगले बुधवार को फिर से पूरे दस्तावेज के साथ आने के लिए कहा है। जिसमें ये साफ हो कि आखिर उन्होंने चिकनगुनिया और डेंगू को लेकर क्या जरूरी कदम उठाए हैं।
एनजीटी ने आदेश दिया कि एमसीडी के डीसी के नेतृत्व में एक जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए जो इस मामले में उठाए जा रहे कदम की निगरानी कर सके।
एनजीटी ने प्रिंसिपल कमेटी को निर्देश दिया कि दिल्ली में डेंगू-चिकनगुनिया को लेकर उठाए जा रहे कदम की पड़ताल करे। इस मामले में जरूरी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर पेश करे।
प्रिंसिपल कमेटी का गठन, देगी पूरे मामले की रिपोर्ट
प्रिंसिपल कमेटी में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, एमसीडी कमिश्नर, डीडीए के उपाध्यक्ष, एनडीएमसी के प्रतिनिधि और दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के डीजी शामिल होंगे।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने को लेकर दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। ये याचिका एक डॉक्टर ने दायर की है।
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