अरविंद केजरीवाल चाहें या न चाहें लेनी पड़ेगी Z+ सुरक्षा
नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर जेड प्लस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। चुनावी नतीजे आने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें Z प्लस सुरक्षा देने का फैसला लिया था, लेकिन केजरीवाल ने उसे लेने से इंकार कर दिया है। केजरीवाल ने कहा कि वो जेड प्लस देकर जनता से दूर हा जाएंगे, इसलिए वो ये सुरक्षा नहीं लेना चाहते हैं।

आप नेता आशुतोश ने भी कहा कि अगर केजरीवाल 'जनता का सीएम' हैं तो उन्हें जनता से अलग नहीं करना चाहिए। Z प्लस सुरक्षा से वह जनता से कट जाएंगे इसलिए हमने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। लेकिन केजरीवाल चाहे या न चाहे उन्हें सुरक्षा लेनी होगी। दरअसल जेड प्लस सुरक्षा किसी व्यक्ति को नहीं ब्लकि उसके पद को दी जाती है। ऐसे में केजरीवाल चाहे या फिर न चाहे उन्हें जेड प्लस सुरक्षा देनी ही होगी।
पिछली बार भी नहीं ली थी सुरक्षा
पिछली बार भी जब केजरीवाल ने सीएम पद की शपथ ली थी तब भी उन्होंने पुलिस की सुरक्षा देने से इंकार कर दिया था। लेकिन गाजियाबाद पुलिस के द्व्रा उन्हें सुरक्षा दी गई थी। केजरीवाल की सुरक्षा में 10 इंस्पेक्टर और 60 कांस्टेबल की तैनाती की गई थी। इस बार भी उन्हें ये सुरक्षा दी जाएगी। जैसे दी केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बपाद अपने आधिकारिक आवास में पहुंचेंगे उनकी सुरक्षा में जवानों की तैनाती कर दी जाएगी।
गृह मंत्रालय लेगा आखिरी फैसला
केजरीवाल भले ये सुरक्षा लेने से इंकार कर रहे हो, लेकिन इसपर आखिरी फैसला गृह मंत्रालय लेगी। दरअसल खतरे के आधार पर सुरक्षा दी जाती है। ऐसे में जब कि केजरीवाल किसी भी तरह के आतंकी या नक्सली संगठन के हिट लिस्ट में शामिल नहीं है तो भी उन्हें सुरक्षा दी जानी है। बतौर सीएम उन्हें उनके पद को लेकर सुरक्षा दी जाएगी। आधिकारियों के मुताबिक केजरीवाल लोगों के बीच जाने से कतराते नहीं है ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
4 स्तर की सुरक्षा
देश में 4 स्तर की सुरक्षा व्यवस्था का प्रावधान है। Z, X, Y और Z Plus। जेड प्लस सुरक्षा के तहत 10 इंस्पेक्टर और 60 कांस्टेबल आते है। जिसका खर्च तकरीबन 10 करोड़ प्रति माह के आस-पास आता है।












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