ऐसा क्या हुआ कि केजरीवाल की राह पर चल पड़ी भाजपा?
नयी दिल्ली। दिल्ली में राजनीति दिन पर दिन दिलचस्प होती जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है और राजनीतिक दल लोगों को लुभाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। हलांकि केन्द्र सरकार की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि दिल्ली में फरवरी तक चुनाव नहीं होंगे। ऐसे में सियासी दल अपने दांव चल रहे हैं। राजनीतिक दलों की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिख रहा है। कभी आम आदमी पार्टी के फैसले का विरोध करने वाली भाजपा अब उसी की राह पर चलती नजर आ रही है।

जी हां दिल्ली प्रदेश भाजपा की नजर अब आम आदमी पार्टी सरकार के समय तैनात किए अफसरों के बाद कुछ पुलिस वालों पर है। बाजपा उन अफसरों का तबादला चाहती है। इसी मकशद को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलने का मन बनाया है। मुख्य सचिव समेत कई बड़े अफसरों के खिलाफ शिकायत करने वाली भाजपा ने कॉन्स्टे्बल, एसएचओ और सब-इंस्पेक्टर जैसे पदों पद तैनात पुलिस वालों पर निगाहें टेढ़ी कर ली हैं। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीए बस्सी से मिलकर पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर की मांग करने का मन बनाया है।
क्या है मामला
दिल्ली के मुख्यमंत्री रहें अरविंद केजरीवाल ने कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी। हलांकि उस वक्त गृह मंत्रालय ने उनकी मांग को अनसुना कर दिया था। जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो केजरीवाल ने इस मुद्दे को लेकर रेल भवन पर धरना दिया। उस, वक्त भाजपा ने इसे 'नौटंकी' करार दिया था।
भाजपा का प्लान
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय जल्द ही अपने विधायकों के साथ इस मुद्दे पर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करेंगे। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की है। गृहमंत्री से बातचीत में उन्होंने कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस का सहयोग न मिलने की बता कही थी। भाजपा का कहना है कि दिल्ली की कानून-व्यवस्थाम को बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग जरूरी है। ताकि दिल्ली की जनता बिना किसी तकलीफ के रह सके, इससे पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।












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