Rajasthan : अशोक गहलोत बने रह सकते हैं CM, सचिन पायलट को वापस डिप्‍टी सीएम की कुर्सी की चर्चा

नई दिल्‍ली, 1 अक्‍टूबर। राजस्‍थान का सियासी तूफान थोड़ा थम सा गया है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट का भविष्‍य क्‍या होगा? इस सवाल के जवाब का हर किसी को इंतजार है। मीडिया में सूत्रों के हवाले से खबर है कि अशोक गहलोत की सीएम की कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। गहलोत राजस्‍थान के सीएम बने रह सकते हैं। वहीं, सचिन पायलट को उनकी डिप्‍टी सीएम की कुर्सी वापस लौटाई जा सकती है। साल 2020 में बगावत के चलते सचिन पायलट से कांग्रेस आलाकमान ने उप मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्‍यक्ष पद से हटा दिया था।

rajasthan CM

बता दें कि राजस्‍थान सीएम अशोक गहलोत की छवि लंबे समय से गांधी परिवार के प्रति वफादार नेता की रही है। राजस्‍थान कांग्रेस संकट 2022 के बाद गुरुवार को दिल्‍ली में अशोक गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्‍यक्ष का चुनाव लड़ने और सचिन पायलट को सीएम बनाने की चर्चाओं के बीच गहलोत गुट के विधायकों द्वारा रविवार को जयपुर में विद्रोह करने के पूरे घटनाक्रम पर सोनिया गांधी से चर्चा की। सोनिया गांधी के साथ बैठक के बाद सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्‍थान में जो सियासी संग्राम हुआ उसकी वे नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं। तय किया है कि अब वे कांग्रेस अध्‍यक्ष चुनाव 2022 में उम्‍मीदवार नहीं बनेंगे।

बता दें कि राजस्‍थान में अशोक गहलोत को सीएम पद से हटाए जाने की खबरों के बीच उनके खेमे के विधायकों ने बगावत कर दी थी। दिल्‍ली से जयपुर भेजे गए केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ विधायक दल की बैठक में हिस्‍सा न लेकर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के घर बैठक की और फिर सामूहिक रूप से इस्‍तीफा देने के लिए राजस्‍थान विधानसभा स्‍पीकर डॉ सीपी जोशी के पास पहुंच गए थे। आलाकमान ने इसे राजस्‍थान कांग्रेस विधायकों की अनुशासनहीनता माना।

टाइम्‍स नाउ के रिपोर्ट के अनुसार अशोक गहलोत ने कहा कि वे तीन बार राजस्‍थान के सीएम रहे हैं। राजस्‍थान कांग्रेस संकट पर सोनिया गांधी से माफी मांगी है। वे सीएम बने रहेंगे या नहीं इसका फैसला आलाकमान पर छोड़ा है। खुद को कांग्रेस के वफादार सिपाही बताते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से वे खुद भी आहत हैं।

रविवार को जयपुर में अशोक गहलोत खेमे के 80 से विधायकों ने यह कहकर केंद्रीय पर्यवेक्षकों का विरोध जताया कि वे सचिन पायलट को सीएम बनाने का एक लाइन का प्रस्‍ताव लेकर आए हैं। सचिन पायलट को सीएम बनाना उन्‍हें मंजूर नहीं। इस पर गहलोत खेमे के विधायकों ने अपनी समांतर बैठक की। विधायकों का कहना था कि साल 2020 में पार्टी के साथ बगावत करने वाले को सीएम बनने देंगे।

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