नरसिंहपुर में चल गया ये फॉर्मूला तो कहीं नहीं टिकेगी कांग्रेस; भाजपा को पहलाद पटेल पर इतना भरोसा क्यों?
MP Election 2023: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। 25 सितंबर को भाजपा ने 39 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है। इस सूची में तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत सात सांसदों को विधानसभा उम्मीदवार बनाया गया है।
सबसे चौंकाने वाला नाम केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के भाई जालम सिंह पटेल का टिकट काट दिया गया है। उनकी जगह पर भाजपा ने उन्हें नरसिंहपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया है।

वर्तमान में पहलाद पटेल के छोटे भाई जालम सिंह नरसिंहपुर से विधायक हैं। पहलाद पटेल सबसे पहले साल 1989 में लोकसभा के सदस्य चुने गए। साथ ही वह लोकसभा की अनेक समितियों के सदस्य भी रहे हैं। पहलाद पटेल को नरसिंहपुर से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद सुभाष चौक पर उनके समर्थकों ने जश्न मनाया।
पहलाद पटेल 2003 में केन्द्र की राजग सरकार में कोयला राज्य मंत्री थे। अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी के लोधी समाज से आने वाले मध्यप्रदेश के कद्दावर बीजेपी नेता पहलाद पटेल एक समय उमा भारती के कट्टर सपोर्टर थे।
पहलाद पटेल वर्ष 2005 में बीजेपी से अलग होकर भारतीय जनशक्ति में उमा भारती के साथ जुड़े रहे। हालांकि 3 वर्ष बाद ही मार्च 2009 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में वापसी कर ली और 2014 में 5 साल बाद दमोह लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और बीजेपी के सांसद बने। इस बार भी दमोह से जीतकर लोकसभा में सांसद हैं।
2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के जालम सिंह पटेल ने कांग्रेस के लखन सिंह पटेल को 15 हजार मतों से चुनाव हराया था। लेकिन इस बार उनका टिकट काटकर उनके ही भाई प्रहलाद सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है। जिसने सभी को हैरान कर दिया है।
नरसिंहपुर से प्रत्याशी बनाए जाने पर केंद्रीय मंत्री पहलाद पटेल ने कहा मैं पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ूंगा। में पार्टी के फैसले के लिए उनका धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। दूसरी बात, यह मेरे लिए खुशी की बात है कि मैं पहली बार अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि से चुनाव लड़ूंगा। में अपना संकल्प दोहराता हूं कि 2023 में कांग्रेस छिंदवाड़ा में अपना खाता भी नहीं खोलेगी, उनकी भ्रष्टाचार की लंका यहां खत्म हो जाएगी।
भाजपा ने अब तक मुख्यमंत्री फेस का ऐलान नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल भाजपा का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। उन्हें मुख्यमंत्री फेस बनाने को लेकर भी चर्चाएं की जा रही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दौरे में उन्होंने अपने भाषण के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री फेस या शिवराज सिंह चौहान के नाम को लेकर खास चर्चा नहीं की। प्रधानमंत्री मोदी के भोपाल दौरे के तुरंत बाद बीजेपी उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की गई है। शायद वजह है कि प्रहलाद पटेल को विधानसभा चुनावों में टिकट मिलने से भाजपा में सीएम फेस को लेकर चर्चाएं हो गई हैं।












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