उद्धव ठाकरे ने उड़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खिल्ली, बोले मैंने मित्रों-मित्रों कहना छोड़ दिया
पीएम मोदी की ओर इशारा करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब मैंने भाषण की शुरुआत 'मित्रों' कहकर करना छोड़ दिया है क्योंकि अब लोग ये 'मित्रों-मित्रों' सुनकर ही दौड़ पड़ते हैं।
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच तल्खी बढ़ती ही जा रही है। केंद्र और महाराष्ट्र में मिलकर सरकार चलाने के बावजूद दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। लगातार भाजपा पर हमलावर शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे ने अब प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि किसी के मित्रों-मित्रों कहने की वजह से मुझे अपने भाषण की शुरुआत बदलनी पड़ी है।

बुधवार को मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने नाम लिए बिना प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर तंज किए। ठाकरे ने कहा कि मैं हमेशा से ही अपने भाषण की शुरुआत भाईयों और बहनों या फिर मित्रों कहकर करता रहा हू्ं लेकिन अब मैंने इस तरह भाषण की शुरुआत करना छोड़ दिया है क्योंकि अब लोग ये मित्रों-मित्रों सुनकर ही दौड़ पड़ते हैं। ऐसे में अब मैने भाईयो-बहनों और मित्रों कहना छोड़ दिया है, कि कहीं लोग मित्रों शब्द सुने और दौड़ पड़ें। ये पहली बार नहीं है, जब साथ में सरकार चलाते हुए भाजपा और शिवसेना के बीच इस तरह की भाषा का इस्तेमाल हो रहा है। नोटबंदी को लेकर भी शिवसेना बेहद कड़े शब्दों में पीएम मोदी और भाजपा की लगातार आलोचना करती रही है। शिवसेना सांसद नोटबंदी के खिलाफ दिल्ली में विरोध मार्च का हिस्सा भी बने। वहीं शिवसेना मंत्री हाल ही मुंबई में भगवान राम के साथ मोदी जिंदाबाद का नारा लगाने पर भाजपा नेताओं को पीएम की सभा ना होने देने की धमकी दे चुके हैं।
शिवसेना केंद्र की मोदी सरकार और महाराष्ट्र की फड़नवीस सरकार में साझेदार है लेकिन उसके सुर भाजपा के साथ नहीं होते हैं। वृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में भी इस समय दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं। माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ेंगी। ठाकरे ने भी बीएमसी चुनाव पर कहा है कि सीट बंटवारे को लेकर मुझे अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। बुधवार को बीएमसी चुनाव की घोषणा हो चुकी है।
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