खुद को IPS अधिकारी बताकर ठगा 35.25 करोड़, मुंबई क्राइम ब्रांच ने किया अरेस्ट
मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये दोनों खुद को आईपीएस अधिकारी के तौर पर दिखा रहे थे और ऐसा करके उन्होंने एक सरकारी कर्मचारी के साथ धोखाधड़ी की और उसके के साथ 35.25 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया। आरोपियों ने सरकारी कर्मचारी को वादा किया था कि वह उन्हें बैंक ऑफ बड़ौता में उनकी मनचाही पोस्टिंग दिला देंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह धोखाधड़ी फरवरी 2019 के बाद इस वर्ष के बीच हुई है। पुलिस ने कहा कि कर्मचारी दूसरे बैंक में कार्यरत था, उसकी दो लोगों से मुलाकात हुई। इन लोगों की पहचान गणेश शिवजी चव्हाण और मनोज कुपिंदर पवार के तौर पर हुई थी।

सरकारी कर्मचारी और उसके दोस्त विनय विष्णु जाधव ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। दोनों ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपियों ने कहा कि उनका केंद्र सरकार के विभागों में अच्छा कनेक्शन है, लिहाजा वह उन्हें उनके मनमर्जी पोस्टिंग बैंक ऑफ बड़ौदा में दिला सकते हैं। चव्हाण ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया ौर एक करोड़ रुपए की मांग मनचाही पोस्टिंग के लिए मांगे।
पिछले चार सालों में इन दोनों ने 35.25 लाख रुपए दोनों से बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए लिए। आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं का भरोसा जीतने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिखाया, जिसपर केंद्रीय वित्त मंत्री के हस्ताक्षर हैं। बाद में जब फर्जीवाड़े का मामला सामने आया तो शिकायतकर्ताओं ने अपना पैसा वापस मांगा। लेकिन दोनों को अपना पैसा वापस नहीं मिला। बाद में पुलिस शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।












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