प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान राम से बड़े नहीं हैं: शिवसेना
मुंबई में राम मंदिर रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के मौके पर भाजपाईयों की नारेबाजी से नाराज हुए शिवसेना मंत्री ने बीजेपी को धमकाया बोले, पीएम की सभा करानी है या नहीं।
मुंबई। भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना में तल्खी एक बार फिर सामने आई है। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की मौजूदगी में शिवसेना के मंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को जमकर धमकाया। ये सब सुरेश प्रभु की मौजूदगी में हुआ।

मुंबई के हाल ही में तैयार किए गए राम मंदिर स्टेशन का गुरूवार को उद्घाटन समारोह था। उद्घाटन केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किया। इस कार्यक्रम में भाजपा और शिवसेना दोनों पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आए थे लेकिन दोनों के बीच एक खाई साफ दिखी।
शिवसेना की ओर से महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते कार्यक्रम में शामिल थे। वहीं भाजपा की और से सुरेश प्रभु और राज्य के कई बड़े नेता शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी हुई। दरअसल काफी दिनों से बीजेपी और शिवसेना में राम मंदिर स्टेशन बनवाए जाने का श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है, जिसका असर यहां भी दिखा।

स्टेशन का उद्घाटन रेलमंत्री सुरेश प्रभु के हाथों ठीक-ठीक निपट गया लेकिन इसके बाद माहौल में दिवाकर रावते की कड़ा भाषा ने तनाव पैदा कर दिया। शिवसेना नेता और सूबे के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते जब मंच पर बोलने के लिये आए तो बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम और नरेंद्र मोदी के नाम के नारे साथ-साथ लगाने शुरु कर दिए।
शिवसेना नेता ने दी पीएम की सभा रोकने की धमकी!
ये बात शिवसेना के मंत्री को रास नहीं आई। दिवाकर रावते ने श्रीराम के साथ मोदी के नारे लगाए जाने पर कहा कि मोदी राम से बड़े नहीं है। ये बात उन्होंने चिल्ला कर कही तो एकबारगी भाजपा नेताओं के चेहरे उतर गए।
रावते इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का ओर मुखातिब होते हुए सीधे-सीधे धमकी के अंदाज में कहा कि हुए कि 24 दिसंबर को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा करवानी है या नहीं ?
रावते का इशारा पीएम मोदी के 24 दिसंबर के मुंबई के दौरे की ओर था। 24 दिसंबर को पर हैं, पीएम मुंबई के दौरे पर हैं। यहां वो दो नई मेट्रो लाइन समेत कई बड़ी योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
आपको बता दें कि शिवसेना और भाजपा केंद्र और महाराष्ट्र की सरकार में सहयोगी हैं। इसके बावजूद दोनों पार्टियों के सुर हमेशा अलग-एलग ही रहते हैं। शिवसेना भाजपा और पीएम मोदी की नोटबंदी से लेकर पाकिस्तान नीति तक लगभग हर मुद्दे पर कड़ी आलोचना करती रही है।












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