शिवसेना ने कन्हैया कुमार केस में भाजपा पर लगाया राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप

मुंबई: कन्हैया कुमार राजद्रोह केस को लेकर शिवसेना ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। शिवसेना ने कहा कि भाजपा को इस मामले में कन्हैया कुमार की आलोचना करने का बिल्कुल भी नैतिक आधार नहीं है। शिवसेना ने कहा कि भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन करके ये अधिकार खो दिया है। शिवसेना ने कहा कि भाजपा को जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर लगे राजद्रोह के मामले से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

BJP taking political mileage from the sedition case against kanhaiya Kumar case says shivsena

शिवसेना का कहना है कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) के साथ गठबंधन करके पाप किया है। पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को शहीद का दर्जा देने की मांग की थी। भाजपा जम्मू-कश्मीर में पीडीपी की पाटर्नर थी लेकिन पिछले साल उसने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया था।

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में एक रैली का नेतृत्व किया था जिसमें भारत विरोधी नारे लगाए गए थे।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना में लिखा कि भाजपा ने अफजल गुरू को स्वतंत्रता सेनानी और शहीद मानने वालीं महबूबा मुफ्ती से हाथ मिलाकर बड़ा पाप किया है। अब भाजपा को अपने फायदे के लिए कन्हैया के खिलाफ दर्ज राजद्रोह मामले से राजनीतिक लाभ नहीं लेना चाहिए।

शिवसेना ने आगे कहा कि भाजपा ने 26/11 2008 के मुंबई में हुए आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को भी कोर्ट में बचाव का मौका दिया। उन्होंने कहा कि लगता है कि इस मामले में कन्हैया कुमार को भी ऐसा ही मौका मिलेगा।शिवसेना जो कि केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी है, कहना है अगर कन्हैया कुमार पर लगे आरोप झूठे हैं तो वो कोर्ट में साबित नहीं हो पाएंगे। 'कन्हैया कुमार अच्छे वक्ता हैं।वह परेशान और बेरोजगार युवाओं का प्रतिनिधित्व करते है, जो भी हो वो अफजल गुरू की प्रशंसा करते हुए कश्मीर की आजादी के नारे नहीं लगा सकते हैं। वैसे भी, भाजपाको कन्हैया कुमार की निंदा करने का क्या नैतिक अधिकार है?'

शिवसेना ने आश्चर्य जताया कि आरएसएल की युवा ईकाई अखिल भारतीय विघार्थी परिषद जेएनयू में चुनाव जीतने में सक्षम नहीं है,क्योंकि वहां ईवीएम से वोटिंग नहीं होती है। महाराष्ट्र भाजपा के मंत्री गिरीश महाजन ने हाल ही में दावा किया था कि उन्हें जहां भी भेजा जाएगा, वह अपना 'जादू दिखाएंगे और चुनाव में अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे।

शिवसेना ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हम भाजपा से अनुरोध करते हैं कि वह जेएनयू में राष्ट्र विरोधियों को हराने के लिए उन्हें वहां भेजे। लेकिन उन्हें बता दें कि जेएनयू में चुनाव ईवीएम के माध्यम से नहीं होते हैं।

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