सरधना में दूषित पानी पीने से दूसरे दिन भी कई दर्जन लोगों की हालत बिगड़ी, नगर के कई अस्पतालों में मरीज भर्ती

उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमे दूषित पानी पीने से 100 से ज्यादा लोगों की तबियत ख़राब हो गई है। उपचार के लिए मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में पहुँचाया गया है। कई बच्चो की हालत गंभीर बनी हुई है वहीं सरधना सीएचसी पहुंचे कई मरीजों को ठीक से उपचार नहीं मिल पाया है। एम्बुलेंस की व्यवस्था न होने से कई मरीजों की जान पर भी बनी हुई है। इसी बीच सरधना विधायक सीएचसी पहुंचे और एसडीएम को वहां बुलाने के साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी से भी इस संबंध में बात की है। लगातार लोगों की तबीयत बिगड़ने पर इलाके में दहशत का माहौल है।

दूषित पानी पीने के कुछ ही देर में तबियत बिगड़ी

दूषित पानी पीने के कुछ ही देर में तबियत बिगड़ी

गौरतलब है कि सरधना में बिनौली रोड पर मेनका नर्सिंग होम के सामने नगर पालिका का नलकूप है जिससे मोहल्ला मंडी चमारान में पानी की सप्लाई की जाती है। सोमवार सुबह जब इलाके में लोगों ने अपने घरों में पहुंचे पानी को पिया तो कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गयी। कुछ ही देर में उलटी दस्त के साथ साथ पेट में दर्द होना शुरू हो गया। दूषित पानी पीने से बीमार हुए लोगों के परिजनों में हड़कंप मच गया। उल्टी दस्त लगने और पेट में दर्द होने के बाद बीमार हुए लोगों को तुरंत नगर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जिनमें से कई की हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें मेरठ के लिए रैफर कर दिया गया।
एसडीएम सत्यप्रकाश व तहसीलदार नटवर सिंह ने स्थानीय लोगों से मिलकर जानकारी लेने के साथ उनकी मदद की। मोहल्ला वासियों का कहना है कि दो दिन पहले टंकी के पानी में सफेद रंग के झाग आ रहे थे। शिकायत के बाद भी नगर पालिका प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया था। जिसके कारण लोग बीमारी की जद में आए है।

अस्पताल की लापरवाही भी आई सामने

अस्पताल की लापरवाही भी आई सामने

पिछले दो दिन से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। पहले सोमवार को दर्जनों लोग यहाँ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए थे और अब मंगलवार को भी लोगों के बीमार होने का सिलसिला लगातार जारी रहा। 22 मरीज सरधना के सरकारी अस्पताल पहुंचे इसके अलावा कई परिवारों के लोग अपने मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में ले गए। दूसरे दिन भी लोगों के बीमार पड़ने से लोगों में और अधिक दहशत फ़ैल गयी। सरधना के सरकारी अस्पताल में लापरवाही का आलम यह है कि यहाँ कई बच्चो की हालत बिगड़ी तो उन्हें जिला अस्पताल के लिए रैफर किया गया लेकिन घंटों तक एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हुई। इस दौरान एक बीमार बच्ची की ड्रिप बंद हो गयी तो डॉक्टरों की लापरवाही से लगभग दो घंटों तक वह बंद पड़ी रही। बीमार के परिजनों ने हंगामा किया और इसके बाद उन्होंने सरधना विधायक अतुल प्रधान को सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से अवगत कराया।

सरधना विधायक खुद कर रहे हैं निगरानी

सरधना विधायक खुद कर रहे हैं निगरानी

परिजनों की शिकायत पर सरधना विधायक अतुल प्रधान सीएचसी पहुंचे उन्होंने एसडीएम सत्यप्रकाश से बात की जिसके बाद सरधना एसडीएम व तहसीलदार नरवर सिंह सरकारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। विधायक ने आश्वासन दिया कि अब वह यहाँ के स्टाफ पर अपनी नजर रखेंगे यदि कोई खामी मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया की एमरजेंसी के लिए अब सरधना सीएचसी पर 2 एम्बुलेंस रहेंगी। जो लोग प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती है उनका खर्च मरीजों को नहीं देना पड़ेगा। इस सम्बन्ध में मुख्य चिकत्साधिकारी को भी अवगत कराया गया है। हलाकि दोपहर के समय सीएमओ व नगर निगम की टीम सरधना पहुंची थी और नलकूपों से पानी के नमूने लेकर जाँच की गयी थी।

पानी की जांच ने बढ़ा दी परेशानी

पानी की जांच ने बढ़ा दी परेशानी

सोमवार को डीएम दीपक मीणा के आदेश पर नगर पालिका ने डोर टू डोर पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। पानी की जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। लोगों के बीमार होने का कारण अब तक रहस्य बना हुआ है। पानी की जांच रिपोर्ट में केवल क्लोरीन की मात्रा कम बताई गई, जबकि किसी भी तरह का बैक्टीरिया नहीं मिला। इस कारण अधिकारी असमंजस में हैं। जल निगम ने मोहल्ले के नजदीक तालाबों के पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे हैं। नगर में दिनभर पानी की सप्लाई बंद रहने से लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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