मेरठ में 'प्लास्टिक रोड', कचरे से बनाई 10 साल से ज्यादा चलने वाली सड़क
Meerut News, मेरठ। उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला एक कदम और स्वच्छता के प्रति आगे बढ़ गया है। यहां कैंट बोर्ड के इंजीनियर्स ने पॉलीथिन का तोड़ निकाला है। उन्होंने पॉलिथीन और ईंट-पत्थर के कूड़े को तारकोल में मिलाकर लालकुर्ती में स्काउट भवन के बाहर 93 मीटर और जुबली गंज में 42 मीटर सड़क बनाई गई है। यह दोनों सैंपल रोड हैं।

मेरठ कैंट बोर्ड के इंजीनियर्स ने अपनाई नई पद्धति
दरअसल, दुनिया भर में पॉलिथीन एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। पॉलिथीन के नहीं गलने की वजह से इसका कचरा फैलता जा रहा है। वहीं, शहर का कोई भी कोना ऐसा नहीं बचा है जहां पर पॉलिथीन के कचरे का ढेर न लगा हो। लेकिन देश को सबसे स्वच्छ कैंट बनाने की कवायद में जुटे मेरठ कैंट बोर्ड के इंजीनियर्स ने नई पद्धति को अपनाया है। जिसके चलते प्लास्टिक के कचरे से सड़क और इंटर लॉकिंग टाइल्स बनाने का काम चल रहा था। इसके सैंपल की लगातार जांच कराई जा रही थी।

वेस्ट कूड़े से बनी सड़का का हुआ उद्घाटन
टेस्टिंग पास हो जाने के बाद मंगलवार को लालकुर्ती में स्काउट भवन के बाहर और जुबली गंज में सड़क बनाई गई। वेस्ट कूड़े से छावनी परिषद की पहली सड़क का उद्घाटन गुरुवार को कैंट बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूट, छावनी परिषद के सीईओ प्रसाद चव्हाण, छावनी उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने किया। छावनी परिषद के सीईओ ने बताया कि कैंट क्षेत्र से कूड़े के रूप में एकत्रित की गई अपशिष्ट, प्लास्टिक, पॉलिथीन से यह सड़क बनाई गई है।

टाइल्स भी होंगी तैयार
उन्होंने बताया कि वेस्ट मेटेरियल से कैंट बोर्ड ने टाइल्स भी तैयार किए हैं जिनका इस्तेमाल भी सड़क बनाने में किया जाएगा। इस प्लास्टिक सड़क की उम्र लगभग 10 से 15 साल तक होगी। कैंट बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूद ने कार्यक्रम में कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए कैंट बोर्ड का यह सराहनीय कदम है अगर यह प्रयोग सफल रहा तो कैंट क्षेत्र की अन्य सड़कें भी प्लास्टिक की बनाई जाएंगी।












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