रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मेरठ पुलिस ने किया पर्दाफाश, आठ लोग गिरफ्तार
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मेरठ पुलिस ने किया पर्दाफाश, आठ लोग गिरफ्तार
मेरठ, अप्रैल 25: कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते कहर के कारण रेमडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी किल्लत हो गई है। जगह-जगह से रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत की खबर सामने आ रही है। तो वहीं, मेरठ जिले में पुलिस 8 आरोपियों को गिरफ्तार को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए गिरफ्तार किया है। मेरठ पुलिस ने तीमारदार बनकर निजी अस्पताल के कर्मचारी से इंजेक्शन खरीदने की बात की, जिसके बाद कोविड वॉर्ड में तैनात कर्मचारी ने 30 हजार में एक इंजेक्शन का सौदा कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने 2 वॉर्ड कर्मचारी और चार निजी सुरक्षा गॉर्ड समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी अजय साहनी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि जनपद के कई मेडिकल कॉलेज और निजी चिकित्सालय के कर्मचारी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं। सूचना पर सर्विलांस सेल की टीम एवं थाना देहली गेट व थाना जानी पर टीम बनाकर पुलिस अधीक्षक देहात के निर्देशन में इनके विरुद्ध अभियान चलाया गया। इसी क्रम में पिछले सात दिन से सुभारती मेडिकल कॉलेज से इंजेक्शन खरीदने के लिए पुलिस एवं अस्पताल कर्मचारियों के बीच बातचीत चल रही थी।
पुलिस और आबिद खान नाम के व्यक्ति से इसके लिए 32 हजार से सौदेबाजी शुरू हुई, जो बाद में 25 हजार रुपए में तय हो गई। पुलिस टीम इसके लिए 9:50 बजे रात्रि सुभारती मेडिकल कॉलेज पहुंची और कोविड वार्ड के नर्सिग स्टाफ को मुख्य गेट पर इंजेक्शन देने के लिए बुलाया गया। आबिद और अंकित शर्मा ने 25 हजार रुपए लेकर एक रेमडेसिविर इंजेक्शन पुलिस को बेच दिया। ज्यादा की मांग पर कर्मचारियों द्वारा तीन इंजेक्शन अगले दिन देने का विश्वास दिलाया गया। इसी दौरान दोनों कर्मचारियों को शक हो गया और वे भागकर आईसीयू में छिप गए।
पुलिस ने उनको वहां से पकड़ लिया गया। इस पर कॉलेज के गार्ड व बाउंसरों द्वारा पुलिस को घेरने की कोशिश की और गेट बंद कर दिया गया किंतु थाना देहली गेट, जानी व सर्विलांस सेल की टीम ने सरकारी कार्य में बाधा डालने पर मौके से छह बांउसर/गार्ड को भी गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों के खिलाफ जानी थाने में महामारी अधिनियम, दवाइयों की कालाबाजारी, धोखाधड़ी और पुलिस से अभद्रता की धाराओं में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसएसपी ने बताया कि ये इंजेक्शन गाजियाबाद के एक मरीज के नाम पर मंगाए गए थे और इंजेक्शन मरीज को देने के बजाए इसकी कालाबाजारी चल रही थी। पुलिस जब उसे पकड़ने गई तो अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारियों ने पुलिस के साथ मारपीट कर दी। जिसके बाद पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।












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