Meerut: 2 दिन की बच्ची को कूड़ेघर में फेंका! 11 वर्षीय मासूम लड़की ने बचाई नवजात की जान
जिस मासूम नवजात लड़की को उसकी मां ने ही, अकाल मौत मार डालने के मकसद से बैग में बंद करके, कूड़ेघर में फेंक दिया था। उसी नवजात लड़की को एक मात्र 11 वर्षीय अनजान राह चलती बच्ची ने जिंदा बचा लिया।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला या लड़की ने जन्म देते ही जिगर के टुकड़े (लड़की) को कूड़े के ढेर में फेंक दिया, ताकि वो लावारिस हाल में मर सके। इसके पीछे की वजह फिर चाहे कुंवारी मां की बदनामी होने से बचना हो या लड़के की चाह रखने वाले निर्दयी माँ बाप हों, ये घटना दिल को झकझोर देने वाली है।
वहीं इस घटना का दूसरा हैरान करने वाला पहलू है, कि जिस मासूम नवजात लड़की को उसकी मां ने ही, अकाल मौत मार डालने के मकसद से बैग में बंद करके, कूड़ेघर में फेंक दिया था। उसी नवजात लड़की को एक मात्र 11 वर्षीय अनजान राह चलती बच्ची ने जिंदा बचा लिया। मतलब, हर स्त्री एक सी या फिर क्रूर स्वभाव की नहीं होती है।

2 दिन की बच्ची को कूड़ेघर में फेंका
दरअसल, यह पूरा मामला मेरठ के खरखौदा थाना इलाके का है। जानकारी के मुताबिक खरखौदा इलाके में हापुड़ रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड में एक 11 वर्षीय बच्ची को एक बैग से बच्ची के रोने की आवाज़ सुनाई दी। 11 वर्षीय बच्ची ने इसकी जानकारी अपने पिता अनीस को दी। जिसके बाद काफी लोग मौके पर पहुंचे और बैग खोलकर देखा तो उसमें एक दो दिन की बच्ची मिली। वही सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को स्वस्थ होना बताया है। वही अंदेशा जताया जा रहा है कि किसी महिला ने बच्ची होने के कारण यहां रखा होगा। हालांकि बच्ची को गोद लेने के लिए काफी लोग अस्पताल पहुंचे।

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जर्नल 'प्लोस' में छपी उनकी रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे खराब हालात उत्तर प्रदेश में होंगे। सिर्फ UP में ही 2017 से 2030 के बीच 20 लाख बेटियां दुनिया नहीं देख सकेंगी। बेटे की चाहत में उन्हें गर्भ में ही मार दिया जाएगा। ये कोरा अनुमान नहीं है, यह बात उन्होंने वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर की है।












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