जम्मू-कश्मीर में शहीद हुआ मेरठ का लाल राम सिंह, गोली लगने के बाद ढेर किए आतंकी
जम्मू-कश्मीर में शहीद हुआ मेरठ का लाल राम सिंह, गोली लगने के बाद ढेर किए आतंकी
मेरठ, 20 अगस्त: जम्मू कश्मीर के राजौरी में आंतकियों से हुई मुठभेड़ के दौरान जेसीओ राम सिंह शहीद हो गए। हालांकि, गोली लगने के बाद भी राम सिंह ने जवाबी गोलीबारी में आतंकी को ढेर कर दिया। राम सिंह की शहादत पर परिवार में कोहराम मचा है। बता दें कि राम सिंह, उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले थे और जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) के पद पर तैनात थे। राम सिंह ने अपने पिता की शहादत के दिन ही खुद ही सेना में भर्ती होने का निर्णय ले लिया था।

मेरठ के थाना गंगानगर क्षेत्र के इशापुरम में रहने वाले सूबेदार राम सिंह 27 जुलाई को एक महीने की छुट्टी के बाद जम्मू गए थे। वे राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट में तैनात थे, इसलिए आतंकी ऑपरेशन में उनका अक्सर आना-जाना रहता था। गुरुवार सुबह ही उनकी पत्नी अनीता भंडारी से फोन पर रोजाना की तरह बात हुई थी। शाम को परिजनों को सूचना मिली कि वे शहीद हो गए। राम सिंह छह महीने बाद रिटायर होने वाले थे। वहीं, उनकी शहादत की खबर उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। वहीं, पति की शाहदत की खबर सुनकर पत्नी अनीता बेहोश हो गईं।
जेसीओ राम सिंह के शहीद हो जाने की सूचना के बाद क्षेत्र के लोग रात तक उनके घर के बाहर पहुंचते रहे। पूरे इलाके में मातम छा गया। वह मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के सलाना के रहने वाले थे। रिश्तेदार व पैतृक गांव के संबंधी भी मेरठ रवाना हो गए। बता दें कि राम सिंह के पांच बच्चों में दो बेटी प्रियंका रावत और करिश्मा नेगी की शादी हो चुकी है। सात साल से उनका परिवार मेरठ के ईशापुरम के बी-28 में रह रहा है। एमकॉम की पढ़ाई करते हुए राम सिंह का बेटा सोलन सीडीएस की तैयारी कर रहा है। वहीं, छोटी बेटी मीनाक्षी और मनीषा पढ़ रही हैं।
राम सिंह बेहद मिलनसार थे। उनकी बातों में देशभक्ति का जुनून साफ झलकता था। किसी भी परिस्थिति में देश के लिए समर्पित रहने का जज्बा था। लोगों ने बताया कि सूचना आई कि गोली लगने के बाद भी उन्होंने आतंकी को नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि आज (20 अगस्त) यानी शुक्रवार दोपहर तक सूबेदार राम सिंह का पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचेगा, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।









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