Kanha Tiger Reserve: क्लच वायर के फंदे से जख्मी बाघिन का रेस्क्यू, लगाई गई 3 हाथी और 50 लोगों की टीम
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन क्लच वायर के फंदे से घायल हो गई। जिसका रेस्क्यू किया गया। वन विभाग को जख्मी हालत में बाघिन को पकड़ने काफी मशक्कत करना पड़ा।

Kanha Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। यहां के भैसानघाट बीट में एक बाघिन घायल हो गई। जिसका रेस्क्यू करने में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को काफी मशक्कत करना पड़ा। बाघिन टी-9 की उम्र करीब 12 साल बताई जा रही है। क्लच वायर का फंदा फंसने से वह बुरी तरह घायल हो गई थी। फिलहाल ठीक होने तक उसे रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है।

मध्य प्रदेश के वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में वन्य प्राणियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ जारी है। ताजा मामला मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व का है। जहां करीब 12-13 साल उम्र की एक बाघिन टी-9 बुरी तरह घायल मिली। क्लच वायर उसके गले में फंस गया था। जिससे बड़ा घाव हो गया। वह इसी स्थिति में पार्क में विचरण कर रही थी। वन कर्मियों ने जब बाघिन को इस हालत में देखा तो फॉरेस्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को खबर की गई। जिसके बाद घायल बाघिन के रेस्क्यू का प्लान बनाया गया। रेस्क्यू के लिए 3 विभागीय हाथी और लगभग 50 लोगों का दल लगाया गया। घायल अवस्था में बाघिन को पकड़ना चुनौती भरा था। लेकिन योजनाबद्ध तरीके से उसे पकड़ लिया गया।
बाघिन का रेस्क्यू और उपचार करने वाले कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक सुनील सिंह ने बताया कि 2 फरवरी से यह रेस्क्यू जारी था। पिंजरा भी लगाया गया था लेकिन बाघिन की लोकेशन चेंज होती जा रही थी। तीन दिन बाद किसी तरह बाघिन पकड़ी गई फिर उसे बेहोश कर उसके गले में फंसा क्लच वायर का फंदा काटा गया। सुनील सिंह के मुताबिक बाघिन के गले में गहरा घाव है। इलाज के लिए रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। चिकित्सकों का दल लगातार उसकी मॉनिटरिंग कर रहा हैं। बाघिन के गले में क्लच वायर अपने आप फंसा या फिर उसका शिकार करने का प्रयास किया गया, इसकी जांच की रही है। वहीं विशेषज्ञों ने बाघ की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता जताई है।












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