कौन हैं महाराष्ट्र CM के बेटे श्रीकांत शिंदे? जिन्होंने बीजेपी-शिवसेना में दरार के बीच इस्तीफे की पेशकश की
Shrikant Shinde Controversy: महाराष्ट में शिवसेना (शिंदे गुट) और बीजेपी के बीच मतभेद उभरने शुरू हो गए हैं। सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने इस्तीफे की पेशकश कर राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया।

Shrikant Shinde: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलकर चर्चा में आ गए हैं। श्रीकांत शिंदे भाजपा नेताओं से इस कदर नाराज हुए हैं कि इस्तीफे तक की पेशकश कर दी। श्रीकांत ने डोंबिवली क्षेत्र के स्थानीय भाजपा नेताओं पर स्वार्थ की राजनीति करने का आरोप तक लगा दिया। श्रीकांत शिंदे के इस रुख से भाजपा और शिवसेना के बीच दरार की अटकलें तेज हो गई हैं। तो चलिए अब जानते हैं कौन हैं महाराष्ट्र CM के बेटे श्रीकांत शिंदे? जिन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है।
कौन हैं श्रीकांत शिंदे? (Who is Shrikant Shinde)
श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। वह कल्याण निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं जो कि बढ़ते राजनीतिक तूफान के केंद्र कल्याण-डोंबिवली महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा है। श्रीकांत शिंदे पेशे से आर्थोपेडिक सर्जन भी हैं। श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde) ने कालवा के शिवाजी हॉस्पिटल में दो साल काम भी किया है। श्रीकांत की शादी 2016 में वृशाली शिंदे से हुई थी। श्रीकांत शिंदे भारत की सोलहवीं लोक सभा चुनाव में पहली बार कल्याण से चुनकर लोकसभा पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव 2019 में भी वो कल्याण से सांसद निर्वाचित हुए थे।
पेशे से डॉक्टर श्रीकांत एकनाथ शिंदे (Shrikant Shinde ) का जन्म 04 फरवरी, 1987 को मुंबई में हुआ था। उनके माता का नाम लता एकनाथ शिंदे है जो एक कुशल व्यवसायी हैं। श्रीकांत शिंदे दुनिया के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने और लोगों को जानने और दुनिया भर में विभिन्न संस्कृतियों को जानने में रुचि रखते हैं।
क्या है विवाद की जड़?
दरअसल, कुछ दिन पहले डोंबिवली पूर्व बीजेपी मंडल अध्यक्ष व पदाधिकारी नंदू जोशी के खिलाफ डोंबिवली मानपाडा थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद बीजेपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने इसका जमकर विरोध किया और मानपाडा थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और तबादला करने की मांग की थी। इसके चलते बागडे को कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया था। इस आंदोलन में शिंदे गुट ने बीजेपी का साथ नहीं दिया था। इसके चलते बीजेपी नेताओं में नाराजगी है। फिर बीजेपी नेताओं द्वारा गुरुवार को कल्याण में एक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मुख्यमंत्री के बेटे और मौजूदा सांसद श्रीकांत शिंदे को किसी भी तरह से समर्थन न करने का प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं इसके बाद श्रीकांत शिंदे ने भी नाराजगी जताई और कहा है कि गठबंधन में खलल पड़ने पर वह इस्तीफा देने को तैयार हैं।
डोंबिवली में भाजपा नेता स्वार्थ की राजनीति कर रहे: श्रीकांत शिंदे
श्रीकांत शिंदे ने आरोप लगाया है कि कुछ भाजपा नेता डोंबिवली में स्वार्थी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। वह शिवसेना की मदद नहीं कर रहे। यह गठबंधन के लिए सही नहीं है। अगर गठबंधन टूटता है तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।












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