Who is Rohit Pawar: कौन हैं रोहित पवार? जो बारामती अस्पताल में हुए भावुक, क्या है अजित पवार के साथ रिश्ता?
Rohit Pawar Relation Ajit Pawar: महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार का नाम दशकों से प्रभावशाली रहा है। इसी परिवार की अगली पीढ़ी के प्रमुख चेहरों में रोहित पवार का नाम तेजी से उभरा है। बुधवार, 28 जनवरी की सुबह अजित पवार के निधन की खबर मिलते ही रोहित पवार सबसे पहले बारामती के अस्पताल पहुंचने वाले परिजनों में से एक रहे।
इसके बाद एक बार फिर रोहित पवार और अजित पवार के रिश्ते चर्चा में आ गया। हर कोई ये जानना चाह रहा है कि आखिर कौन हैं रोहित पवार और क्या है अजित पवार परिवार के साथ उनका रिश्ता। इसके साथ-साथ रोहित के राजनीतिक कद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Who Is Rohit Pawar: कौन हैं रोहित पवार?
रोहित राजेंद्र पवार, शरद पवार के पोते और कर्जत-जामखेड (Rohit Pawar MLA Karjat Jamkhed) निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। रोहित को महाराष्ट्र की राजनीति के उभरते हुए सितारे और पवार परिवार की चौथी पीढ़ी के रुप में देखा जाता है।
रोहित पवार का जन्म 29 सितंबर 1985 को महाराष्ट्र के बारामती में हुआ था। वे दिनकर राव गोविंदराव पवार के पोते हैं। राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े रोहित पवार ने शुरुआत से ही ग्रामीण राजनीति, सहकार आंदोलन और स्थानीय प्रशासन को करीब से समझा।
NCP leader Rohit Pawar का अजित पवार से क्या है रिश्ता?
रोहित पवार, अजित पवार के सगे भतीजे (चचेरे भाई के बेटे) हैं। वे पवार परिवार की चौथी पीढ़ी के राजनेता माने जाते हैं। रोहित, वरिष्ठ नेता शरद पवार के परनाती (grand-nephew) हैं, जबकि अजित पवार शरद पवार के भतीजे हैं। इस तरह रोहित और अजित पवार एक ही राजनीतिक परिवाप से जुड़े हुए हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो फाड़ होने के बाद दोनों अलग-अलग राजनीतिक खेमों में थे, लेकिन उनके बीच पारिवारिक गर्मजोशी हमेशा बनी रही।
अजित पवार के साथ अनोखा रिश्ता
अजित पवार अक्सर रोहित के साथ मजाक करते नजर आते थे। रोहित और अजित पवार के रिश्ते को लेकर एक दिलचस्प किस्सा चर्चा में रहता है। एक चुनाव में रोहित पवार की बेहद करीबी जीत के बाद अजित पवार ने मजाकिया अंदाज में उनसे कहा था"तू बच गया।"
यह पल दोनों नेताओं के बीच पारिवारिक अपनापन और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, दोनों को दर्शाता है। चाचा अजित पवार के निधन की खबर मिलते ही रोहित बारामती पहुंचकर पारिवारिक जिम्मेदारी निभाते दिखें। इस दौरान वो बेहद भावुक नजर भी आए। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पवार परिवार में पारिवारिक रिश्तों को अब भी अहमियत दी जाती है।
शरद पवार की NCP(SP) के वारिस हैं रोहित
रोहित पवार ने सक्रिय राजनीति में कदम रखने से पहले पुणे जिला परिषद में काम किया। इसके बाद उन्होंने 2019 में करजत-जामखेड विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर पहली बार विधायक बने। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से एनसीपी-एसपी (शरद पवार गुट) के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की और अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया। राजनीति के साथ-साथ रोहित पवार खेल प्रशासन में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2022 से वे महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के अध्यक्ष हैं।
रोहित पवार को शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी-एसपी में एक मजबूत युवा चेहरे के तौर पर देखा जाता है। माना जाता है कि वे केवल बारामती तक सीमित नहीं, बल्कि पश्चिमी महाराष्ट्र और राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। रोहित पवार न केवल अजित पवार के भतीजे हैं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में उभरते हुए ऐसे नेता हैं, जिनसे आने वाले वर्षों में बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है।
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